एनआईटी जोन के कई वार्डों का दौरा कर जमीनी हकीकत परखी
अतिक्रमण हटाने से लेकर सीवर-सफाई के दिए सख्त निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम की व्यवस्थाओं को पटरी पर लाने के लिए महापौर प्रवीण बत्रा जोशी ने बुधवार को एनआईटी जोन के कई वार्डों का दौरा कर जमीनी हकीकत परखी। निरीक्षण के दौरान सामने आई खामियों पर उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए समयबद्ध तरीके से सुधार कार्य पूरे करने के निर्देश दिए और साफ कहा कि काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
महापौर ने वार्ड नंबर 7, 8, 10, 11, 12 और 13 के प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और वार्ड कार्यालयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर समस्याएं जानीं। उन्होंने कहा कि नगर निगम का लक्ष्य शहरवासियों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं देना है और विकसित भारत के लक्ष्य में फरीदाबाद की अहम भूमिका तय है।
निरीक्षण के दौरान वंदे मातरम् चौक के पास अतिक्रमण मिलने पर उसे तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए। तिकोना पार्क की ओर जाने वाले नाले की सफाई, खुले नालों पर बैरिकेडिंग और खुले मेनहोल को ढकने के निर्देश जारी किए। लोधी चौक समेत विभिन्न डिवाइडरों पर स्ट्रीट लाइट व्यवस्था मजबूत करने को भी कहा गया।
डबुआ-पाली रोड पर जमा कचरा और सड़क किनारे बिखरे स्ट्रीट लाइट के खंभों पर महापौर ने नाराजगी जताई। संबंधित अधिकारियों को इन्हें तुरंत हटाने और क्षेत्र में सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही क्षतिग्रस्त स्पीड ब्रेकरों की मरम्मत, सीवर लाइनों की नियमित सफाई और जल निकासी व्यवस्था सुधारने पर जोर दिया गया। डिवाइडरों की पेंटिंग और उन पर हुए अतिक्रमण हटाने के लिए भी अधिकारियों को पाबंद किया गया।
वार्ड-11 कार्यालय के निरीक्षण में परिसर में गंदगी और निर्माण मलबा मिलने पर उसे तुरंत हटाने को कहा। नेहरू कॉलोनी और 17 नंबर चुंगी क्षेत्र में कचरा उठान की अनियमितता पर सख्ती दिखाते हुए नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। नंगला रोड पर सीवर सफाई और नाली निर्माण जबकि हार्डवेयर चौक के पास इंटरलॉकिंग टाइल्स का काम जल्द पूरा करने को कहा गया।
निरीक्षण के दौरान एनआईटी जोन के संयुक्त आयुक्त परमजीत चहल समेत निगम के कई अधिकारी मौजूद रहे। अंत में महापौर ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि चिन्हित कार्यों को तय समय सीमा में पूरा कर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए ताकि शहरवासियों को बुनियादी सुविधाओं में किसी तरह की परेशानी न हो।