पुलिस, शिक्षा विभाग और स्कूल प्राचार्य से मांगी रिपोर्ट
मामले की अगली सुनवाई तीन दिसंबर को होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। डबुआ-गाजीपुर रोड स्थित एक स्कूल की तीसरी मंजिल से छात्रा के कूदकर आत्महत्या करने के मामले में हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। आयोग ने पुलिस प्रशासन, प्रधान सचिव, जिला शिक्षा अधिकारी और स्कूल के प्राचार्य से घटना की रिपोर्ट तलब की है। अधिकारियों को अगली सुनवाई से एक सप्ताह पहले अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी। मामले की अगली सुनवाई तीन दिसंबर को होगी।
आयोग के सहायक रजिस्ट्रार डॉ. पुनीत अरोड़ा के अनुसार, समाचार रिपोर्टों के आधार पर पूर्ण पीठ ने मामले का संज्ञान लिया है। पीठ में अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा के अलावा सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया शामिल हैं। रिपोर्टों के अनुसार, एक सितंबर को छात्रा ने विद्यालय भवन की तीसरी मंजिल की छत से छलांग लगा दी थी।
घटना से पहले एक अध्यापक द्वारा छात्रा को कथित रूप से दंडित करने और कई घंटे धूप में खड़ा रखने का आरोप भी सामने आया है। हालांकि, विद्यालय प्रबंधन ने आरोपों से इन्कार किया है। आयोग ने स्पष्ट किया कि समाचार रिपोर्टों में लगाए गए आरोपों को फिलहाल सही नहीं माना जा रहा है और जांच पूरी होने से पहले किसी को दोषी या निर्दोष नहीं माना जा सकता।
छात्रा के पिता की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 108 के तहत प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी आयोग को दी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य तथ्यों की जांच कर रही है। आयोग ने सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने, पुलिस से प्राथमिकी, जांच और बयानों की रिपोर्ट देने व शिक्षा विभाग से छात्र-सुरक्षा, शिकायत तंत्र, मानसिक स्वास्थ्य सहायता और अनुशासन व्यवस्था की जांच करने के निर्देश दिए हैं।