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Faridabad News: खंडहर घोषित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के कमरों पर असामाजिक तत्वों का कब्जा

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-अवैध रूप से रह रहे हैं दर्जनभर से अधिक परिवार, हो सकता है हादसा
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संवाद न्यूज एजेंसी

पुन्हाना। शहर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में खंडहर घोषित किए जा चुके करीब तीन दर्जन कमरे इन दिनों बड़े हादसे को दावत दे रहे हैं। जर्जर हालत में पहुंच चुके इन कमरों की छतें झुकी हुई हैं, दीवारों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं और कई जगह से प्लास्टर झड़ चुका है। इसके बावजूद यहां दर्जन भर से अधिक परिवार अवैध रूप से रह रहे हैं। प्रशासन की अनदेखी के चलते स्थिति दिन-प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है।
चार माह पहले नगरपालिका की हुई बैठक में यहां रेस्ट हाउस बनाने का सर्वसम्मति से फैसला लिया था। लेकिन यह मंजूरी प्रशासनिक फाइलों में अटकी हुई है। करीब तीन वर्ष पूर्व नगर पालिका प्रशासन और लोकनिर्माण विभाग के अधिकारियों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए इन कमरों को खाली कराकर कब्जामुक्त कराया था। उस समय भवनों की हालत को देखते हुए इन्हें असुरक्षित घोषित किया गया था तथा नगर पालिका की ओर से कमरों पर ताले भी जड़ दिए गए थे। लेकिन कुछ ही समय बाद असामाजिक तत्वों ने तालों को तोड़कर दोबारा से कब्जा जमा लिया।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में इन जर्जर कमरों की हालत और खराब हो जाती है। कई बार छत के टुकड़े गिर चुके हैं, जिससे जानमाल का खतरा बना रहता है। आसपास रहने वाले नागरिकों ने आशंका जताई है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों का यह भी आरोप है कि यहां रह रहे कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त हैं, जिससे क्षेत्र का माहौल प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कॉलोनी से सटा हुआ कस्तूरबा गांधी स्कूल है जहां पर सैकड़ों छात्राएं हॉस्टल में रहती हैं। ऐसे में यहां होने वाली गतिविधियों से छात्राओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो रहे है।
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हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के कमरों को तोडकर यहां रेस्ट हाउस बनाने का प्रस्ताव पास किया है, इसकी मंजूरी की फाइल विभाग के डायरेक्टर को भेजी हुई है। मंजूरी मिलने के बाद कमरों को तोड़कर यहां रेस्ट हाउस का निर्माण कराया जाएगा।

साहिल धनखड, सचिव नगरपालिका प्रशासन
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