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Faridabad News: 15 दिन से बढ़ाकर तीन से चार हफ्ते तक किया जाएगा मेले का समय

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राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं के लिए बनेगा विशेष ऑनलाइन पोर्टल
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। अरावली पहाड़ियों की गोद में लगने वाला सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेला आने वाले समय में 15 दिन के स्थान पर तीन से चार हफ्ते तक लगाया जाएगा। वहीं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेताओं को उनकी कला के प्रदर्शन के लिए नया मंच भी दिया जाएगा।

सूरजकुंड मेला परिसर में पर्यटन मंत्रालय के सचिव डॉ. श्रीवत्स कृष्ण और हरियाणा पर्यटन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने भविष्य का खाका पेश किया। उन्होंने यह साफ कर दिया कि सूरजकुंड अब केवल पर्यटन का केंद्र नहीं बल्कि आत्मनिर्भर भारत का सबसे बड़ा डिजिटल हब बनने जा रहा है। डॉ. श्रीवत्स कृष्ण ने इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की कि देश के सुदूर गांवों में बैठा असली शिल्पकार आज भी उचित दाम और पहचान के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार जल्द ही एक समर्पित ई-कॉमर्स पोर्टल शुरू करने जा रही है। इस पोर्टल की खासियत यह होगी कि इस पर केवल वही शिल्पकार अपने उत्पाद बेच सकेंगे जो सूरजकुंड मेले का हिस्सा बनते हैं विशेषकर राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कारीगर।
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कच्ची हटें हुई पक्की, चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी का पहरा

आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित अग्रवाल ने बताया कि मेले के बुनियादी ढांचे को अब टिकाऊ बनाया गया है। पारंपरिक रूप से बनने वाली कच्ची मिट्टी और घास की हटों को अब स्थायी और पक्का कर दिया गया है ताकि बेमौसम बारिश या आंधी की स्थिति में करोड़ों रुपये का हस्तशिल्प सुरक्षित रहे। सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिसर को डिजिटल किले में तब्दील कर दिया गया है, जहां चप्पे-चप्पे पर सीसीटीवी कैमरों की नजर है। पर्यटकों की सुविधा के लिए टिकटिंग व्यवस्था को पूरी तरह ऑनलाइन और सुगम बनाया गया है ताकि गेट पर लगने वाली लंबी कतारें बीते दौर की बात हो जाएं।
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मेला साथी एप से लोगों की मुश्किल होगी आसान

सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय हस्तशिल्प मेले के उद्घाटन पर उप राष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने मेला साथी एप लॉन्च कर मेले के प्रबंधन को डिजिटल दिशा दी। पहली बार मेले में आने वाले पर्यटकों के लिए यह ऐप एक गाइड की तरह काम करेगा। पहले जहां लोगों को जानकारी के लिए पूछताछ काउंटरों पर निर्भर रहना पड़ता था वहीं अब टिकट, स्टॉल, थीम स्टेट, पार्किंग और कार्यक्रमों से जुड़ी हर जानकारी मोबाइल पर मिल सकेगी। गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध यह ऐप भीड़ नियंत्रण, समय प्रबंधन और बेहतर नेविगेशन में मददगार होगा, जिससे पर्यटकों का अनुभव अधिक सहज बनेगा।
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