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Faridabad News: शहर में नहीं दिख रहा ग्रेप की पाबंदियों का असर

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होटलों में कोयले और लकड़ी का हो रहा प्रयोग, कूड़ा भी जलाया जा रहा
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संवाद न्यूज एजेंसी

फरीदाबाद। दिल्ली-एनसीआर की हवा जहरीली होती जा रही है। वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने बढ़ते प्रदूषण के स्तर के कारण ग्रेप का दूसरा चरण लागू कर दिया है। इसके बावजूद शहर में कई जगह तंदूर जलने के मामले सामने आ रहे हैं। ये तंदूर शहर में प्रदूषण के स्तर में इजाफा कर रहे हैं।

ग्रेप के पहले चरण में ही होटलों में कोयले और लकड़ी के प्रयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाता है। इसके बावजूद शहर में कई जगह होटल और रेहड़ी पटरी वाले कोयले की भट्टी का इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे शहर की हवा दमघोंटू हो रही है। ग्रेप का दूसरा चरण लागू होने का असर जमीनी स्तर पर नजर नहीं आया।
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एनआईटी-एक मार्केट और रेलवे रोड पर स्थित कई ढाबों पर भट्टी का प्रयोग खुलेआम किया जा रहा है। वहीं बल्लभगढ़ व ग्रेटर फरीदाबाद में भी यही हाल है। शहर में कई जगह सड़कें टूटी हुई हैं। इसके कारण धूल मिट्टी उड़ रही है। वहीं ग्रेटर फरीदाबाद के कई इलाकों में नियमों को अनदेखा कर रात में कूड़ा भी जलाया जा रहा है। फरीदाबाद में ग्रेप की पाबंदियों का असर कुछ खास नहीं दिख रहा है।

फरीदाबाद का एक्यूआई 198 दर्ज
शुक्रवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार फरीदाबाद का एक्यूआई 198 दर्ज किया गया। फरीदाबाद क्षेत्र में स्थित एनआईटी का एक्यूआई 229 और सेक्टर-30 का 167 रहा। इसके अलावा बहादुरगढ़ का एक्यूआई पूरे देश में सबसे अधिक 318 दर्ज किया गया।

उद्योगों के प्रतिदिन काटे जा रहे चालान

हरियाणा राज्य प्रदूषण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी संदीप सिंह ने बताया कि ग्रेप के नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। विभाग द्वारा प्रतिदिन चालान किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। विभाग औद्योगिक क्षेत्र पर कड़ी नजर रख रहा है।
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निगम कर रहा प्रदूषण पर प्रहार

प्रदूषण को काबू करने के लिए निगम द्वारा गठित टीमें लगातार काम कर रहीं हैं। निगम की ओर से विभाग ने सख्त आदेश जारी किया है कि कूड़ा जलाने पर कार्रवाई की जाएगी। निगम द्वारा प्रदूषण को कम करने के लिए एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जा रहा है। शहर में धूल-मिट्टी वाली जगहों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
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