तीन साल में एनडीपीएस एक्ट के 1,073 मामले, हर वर्ष 350 से अधिक प्राथमिकी होती है दर्ज
अंतरराज्यीय तस्करी के साथ स्थानीय सप्लाई नेटवर्क भी पुलिस के लिए चुनौती
हेमलता
फरीदाबाद। दिल्ली-एनसीआर से सटे होने का फायदा जहां फरीदाबाद के विकास और रोजगार को मिला है, वहीं नशीले पदार्थों की सप्लाई के मामले में यही भौगोलिक स्थिति पुलिस के लिए चुनौती भी बन रही है। हरियाणा में ड्रग्स के खिलाफ दर्ज मामलों के आंकड़ों में फरीदाबाद एक बड़े हॉटस्पॉट के रूप में सामने आया है। पुलिस रिकॉर्ड में दर्ज मामलों की संख्या के लिहाज से फरीदाबाद प्रदेश में सिरसा के बाद दूसरे स्थान पर है।
पुलिस आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2022 में फरीदाबाद में एनडीपीएस एक्ट के तहत 362 मामले दर्ज हुए थे। वर्ष 2023 में यह संख्या 355 रही। 2024 में 356 मामले सामने आए। तीनों वर्षों के आंकड़ों में बहुत ज्यादा अंतर नहीं है। इससे स्पष्ट है कि जिले में नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की चुनौती लगातार बनी हुई है। वर्ष 2022 से 2024 के बीच पूरे हरियाणा में एनडीपीएस एक्ट के तहत 10,948 मामले दर्ज किए गए। इनमें अकेले फरीदाबाद के 1,073 मामले हैं, जो राज्य के कुल मामलों का करीब 10 प्रतिशत है। वहीं सिरसा, फरीदाबाद, गुरुग्राम, फतेहाबाद और कुरुक्षेत्र में इस अवधि में कुल 4,660 मामले दर्ज हुए थे। यह संख्या प्रदेश के कुल मामलों की 42 प्रतिशत से अधिक है।
दिल्ली से कनेक्टिविटी बनी दोहरी चुनौती
फरीदाबाद की दिल्ली से सीधी कनेक्टिविटी और एनसीआर में तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्र को देखते हुए ड्रग्स नेटवर्क की चुनौती केवल जिले की सीमाओं तक सीमित नहीं है। दिल्ली और आसपास के राज्यों से आने-जाने वाले रास्तों पर नशीले पदार्थों की आवाजाही रोकना पुलिस के लिए अहम है। इसके साथ ही शहर में स्थानीय स्तर पर सक्रिय सप्लायर और छोटे नेटवर्क तक पहुंचना भी जरूरी है।
बदलते तरीकों पर पुलिस की नजर
ड्रग्स तस्कर पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए लगातार अपने तौर-तरीके बदलते हैं। ऐसे में पुलिस के सामने केवल नशीला पदार्थ बरामद करने की चुनौती नहीं, बल्कि सप्लाई की पूरी कड़ी तक पहुंचने की भी जिम्मेदारी है। अंतरराज्यीय पुलिस समन्वय, खुफिया सूचनाओं और स्थानीय स्तर पर सप्लाई नेटवर्क की निगरानी को इस दिशा में अहम माना जा रहा है। फरीदाबाद जैसे एनसीआर जिले में ड्रग्स के खिलाफ कार्रवाई को केवल गिरफ्तारी और बरामदगी तक सीमित रखने के बजाय सप्लाई चेन तोड़ने पर जोर देना बड़ी चुनौती है।