सेक्टर-11 इलाका सबसे अधिक प्रदूषित रहा, एक्यूआई 364 पहुंच गया
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बढ़ते प्रदूषण के कारण फरीदाबाद गैस का चेंबर बनता जा रहा है। पिछले कई दिनों से एक्यूआई लगातार 300 से ऊपर बना हुआ है। रविवार को सुबह से ही आसमान में धुंध छाई रही, जिसकी वजह से दृश्यता कम हो गई। शहर की सड़कें प्रदूषण की चादर से ढंकी रहीं। प्रदूषण की इस स्थिति के बारे में लोगों का कहना है कि यह कोहरा नहीं बल्कि प्रदूषण है।
सीपीसीबी द्वारा जारी वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार शहर का सेक्टर-11 इलाका सबसे अधिक प्रदूषित रहा, यहां का एक्यूआई 364 पहुंच गया। वहीं बल्लभगढ़ का एक्यूआई 313, एनआईटी का 184 और सेक्टर-30 का 105 दर्ज किया गया। पिछले एक हफ्ते में इन इलाकों का प्रदूषण स्तर लगातार बढ़ा है।
प्रशासन को करनी होगी सख्ती
शहर में ग्रेप का चौथा चरण लागू हो गया है। इससे निर्माण कार्य, खुले में निर्माण सामग्री रखना, कोयले का भट्टी का इस्तेमाल, डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर पूरी से पाबंदी लग जाती है। इसके बावजूद भी बांके बिहारी रोड, एनआईटी मार्केट और सेक्टर-16 में पाबंदियों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। इन इलाकों में निर्माण कार्य हो रहा है, भोजनालयों, रेस्तरां और होटलों में कोयले का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसकी वजह से प्रदूषण के स्तर में इजाफा हो रहा है।
सड़कों पर उड़ रही धूल से परेशानी
वहीं बल्लभगढ़ व ग्रेटर फरीदाबाद में भी यही हाल है। शहर में कई जगह सड़क टूटी हुई है। इसके कारण धूल मिट्टी उड़ रही है। वहीं ग्रेटर फरीदाबाद के कई इलाकों में नियमों को अनदेखा कर रात में कूड़ा भी जलाया जा रहा है। फरीदाबाद में ग्रेप की पाबंदियों का असर कुछ खास नहीं दिख रहा है। हालांकि प्रदूषण से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है।
20 से अधिक टीमें जमीन पर उतरी
प्रदूषण को काबू करने के लिए निगम द्वारा गठित 20 से अधिक टीमें लगातार काम कर रहीं हैं। निगम की ओर से सख्त आदेश जारी किया है कि कहीं भी कूड़ा जलाने पर कार्रवाई की जाएगी। निगम द्वारा प्रदूषण को कम करने के लिए एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल किया जा रहा है। शहर में धूल-मिट्टी वाली जगहों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है।
बच्चों व बुजुर्गों के लिए अधिक खतरनाक है प्रदूषण
स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों और महिलाओं के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश जारी किए हैं। बीके अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक मोहित अग्रवाल का कहना है कि ऐसे समय में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाओं को घर से बाहर निकलने पर मास्क पहनना चाहिए, वहीं सुबह-शाम की सैर पर जाने से बचने चाहिए।