अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी का संचालक साइबर ठगों को बैंक खाते बेच रहा था। आरोपी भुवन तनेजा ने दो लोगों राजेश व विक्रमजीत के खाते खरीदकर अपने दोस्त अभिषेक हंस के जरिये साइबर ठगों को दिए थे। साइबर क्राइम थाना सेंट्रल की टीम ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
इनसे पूछताछ में सामने आया कि आरोपी राजेश व विक्रम खाताधारक हैं। इन्होंने अपना खाता आगे भुवन को दिया था। भुवन ने यह खाता आगे अभिषेक को दे दिया था। राजेश व विक्रम, भुवन के पास नौकरी करते थे व अभिषेक और भुवन दोस्त हैं। राजेश आठवीं, विक्रम 12वीं व अभिषेक स्नातक तक पढ़े हैं। वहीं भुवन सीए फाइनल ईयर में है। भुवन का गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर बनाने का आफिस है, जहां राजेश व विक्रम भुवन के पास काम करते थे।
इनके बैंक खाते में ठगी के कुल 2 लाख 67 हजार रुपये आए थे। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों को 5 दिन के रिमांड पर लेकर टीम पूछताछ कर रही है।
ट्रेडिंग में निवेश पर मुनाफे का झांसा देकर 11.48 लाख रुपये की ठगी को लेकर पुलिस को शिकायत फरीदाबाद के ही व्यक्ति ने दी थी। इंस्टाग्राम पर उन्होंने शेयर बाजार में ट्रेडिंग से संबंधित विज्ञापन देखा। उस पर क्लिक किया तो कुछ डिटेल मांगी गई।
शिकायतकर्ता के डिटेल भरने के बाद व्हाट्सएप पर उनसे संपर्क किया । जिसके बाद ट्रेडिंग टिप्स एक्सपर्ट ने इनसे बात की और निवेश पर मुनाफे का झांसा दिया। आरोपियों ने अपने प्लेटफॉर्म पर 11.48 लाख रुपये निवेश कराए, लेकिन बाद में न तो मुनाफा मिला और न ही निवेश किए गए रुपये ही वापस मिले। साइबर क्राइम थाना सेंट्रल की टीम ने एफआईआर दर्ज कर जांच करते हुए अब आरोपियों को गिरफ्तार किया है।