मलेरिया रोकथाम अभियान का दिख रहा असर, जिले में मामले घटे
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले में मलेरिया की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान के सकारात्मक परिणाम अब साफ नजर आने लगे हैं। जिला नागरिक अस्पताल में हर दिन मलेरिया के लक्षण के साथ पहुंचने वाले करीब 30 मरीजों की जांच की जा रही है, लेकिन राहत की बात यह है कि जनवरी 2026 से अब तक एक भी मरीज मलेरिया पॉजिटिव नहीं मिला है। इसे विभाग की सख्त निगरानी और प्रभावी रणनीति का नतीजा माना जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से टेस्ट, ट्रीट और ट्रैक नीति के तहत संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच और उपचार सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही रैपिड फीवर सर्वे, एंटी-लार्वा गतिविधियां और जनजागरूकता अभियान भी तेज किए गए हैं। आशा वर्कर्स के माध्यम से घर-घर जाकर लोगों को मच्छरों से बचाव और साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इन कदमों के दम पर विभाग ने जिले में मलेरिया पर लगाम कसी है।
पिछले वर्षों के आंकड़ों के अनुसार 2018 से अब तक जिले में मलेरिया के मामलों में लगातार गिरावट दर्ज की गई है। हालांकि बीच में हल्का उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला है। 2018 में 150 मामले सामने आए थे, जो 2019 में घटकर 67 रह गए। इसके बाद 2020 और 2021 में यह संख्या 9-9 मामलों तक सिमट गई। 2022 में 3 और 2023 में केवल 2 मामले दर्ज किए गए। हालांकि 2024 में अचानक 30 मामले सामने आने से चिंता बढ़ी, लेकिन 2025 में यह संख्या फिर घटकर 15 रह गई। 2026 में अब तक एक भी मामला सामने नहीं आया है।
अधिकारियों का कहना है कि संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जा रही है और पानी जमा होने वाले स्थानों की नियमित जांच के साथ एंटी-लार्वा गतिविधियां भी तेज की गई हैं। विभाग का लक्ष्य इस वर्ष जीरो मलेरिया हासिल करना है।
पिछले वर्षों के अनुभव से यह साफ है कि मलेरिया को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए लगातार सतर्कता जरूरी है। हम टेस्ट, ट्रीट और ट्रैक रणनीति पर काम कर रहे हैं। जैसे ही कोई संदिग्ध मरीज सामने आता है, उसकी तुरंत जांच की जाती है, ताकि संक्रमण फैलने से रोका जा सके।- डॉ. रामभगत, जिला मलेरिया अधिकारी
वर्ष वार मलेरिया के मामले
2018-150
2019-67
2020-9
2021-9
2022-3
2023-2
2024-30
2025-15
2026 (20 अप्रैल तक)-0