मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रस्तावित स्थान की जांच कराई जाएगी और उचित कार्रवाई की जाएगी
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। हरियाणा विधानसभा के चालू बजट सत्र में पृथला क्षेत्र की स्वास्थ्य सुविधाओं का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया गया। पृथला से कांग्रेस विधायक रघुवीर तेवतिया ने पलवल और बल्लभगढ़ के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर अत्याधुनिक ट्रॉमा सेंटर स्थापित करने की मांग करते हुए कहा कि लगातार बढ़ते सड़क हादसों के बीच यह क्षेत्र लंबे समय से ऐसी सुविधा का इंतजार कर रहा है।
विधानसभा में मुद्दा उठाते हुए विधायक ने कहा कि पलवल से बल्लभगढ़ तक का बड़ा हिस्सा पृथला विधानसभा क्षेत्र में आता है। इस इलाके में बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयां संचालित हो रही हैं और नेशनल हाईवे-19 पर वाहनों की आवाजाही भी काफी अधिक रहती है। ऐसे में आए दिन सड़क दुर्घटनाएं होती हैं लेकिन घायलों को तुरंत उपचार के लिए या तो पलवल के जिला नागरिक अस्पताल या फिर फरीदाबाद के अस्पतालों तक ले जाना पड़ता है। इससे उपचार में देरी होती है और कई बार गंभीर मरीजों की जान पर बन आती है।
उन्होंने बताया कि पलवल का जिला नागरिक अस्पताल शहर के अंदर स्थित होने के कारण वहां पहुंचने में अक्सर जाम का सामना करना पड़ता है। दुर्घटना की स्थिति में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है, इसलिए हाईवे के बीचों-बीच आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्रॉमा सेंटर बनाया जाना बेहद जरूरी है ताकि घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता मिल सके।
इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने सदन को बताया कि केंद्र सरकार ने हाल ही में प्रधानमंत्री रोड एक्सीडेंट रिलीफ योजना शुरू की है, जिसके तहत चयनित अस्पतालों में सड़क दुर्घटना के पीड़ितों के इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। हालांकि विधायक ने इस जवाब को अपर्याप्त बताते हुए ट्रॉमा सेंटर की मांग दोबारा सदन में उठाई।
मामले पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रस्तावित स्थान की जांच कराई जाएगी और इसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मौके का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए।
विधानसभा सत्र के बाद विधायक रघुबीर तेवतिया ने कहा कि वह विपक्ष के विधायक जरूर हैं लेकिन क्षेत्र की जनता ने उन्हें अपने मुद्दे उठाने के लिए चुना है। इसलिए वह जनहित से जुड़े सवाल सड़क से लेकर विधानसभा तक लगातार उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा कि पृथला क्षेत्र के अधिकार और विकास की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी और सरकार से उम्मीद है कि जल्द ही इस मांग पर सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।