-सेक्टर-7 में नवंबर 2022 में आरोपी ने मानसिक रूप से परेशान महिला के साथ दुष्कर्म कर की थी हत्या
-महिला के निजी अंगों में वाइपर का रॉड डालने का किया था कृत्य, एक लाख 5 हजार रुपये का जुर्माना भी किया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद/बल्लभगढ़। दिल्ली के निर्भया कांड जैसी वारदात को अंजाम देने के दोषी को जिला न्यायालय ने मौत की सजा सुनाई है। अतिरिक्त सेशन जज पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने दोषी पर 105,000 का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में कोई चश्मदीद गवाह नहीं था। मामले में फोरेंसिक रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने सजा सुनाई है। सेक्टर-7 ए में 7 नवंबर 2022 को यह जघन्य वारदात हुई थी।
वर्ष 2022 नवंबर में सेक्टर-7ए स्थित गुरुद्वारे के पीछे बंद गली के साथ बने पार्क में एक महिला का शव पड़ा होने की पुलिस को सूचना मिली थी। महिला का शव अर्धनग्न अवस्था में था और उसके गले में चुन्नी कसी हुई थी। गर्दन भी पूरी तरह से टूटी हुई थी। महिला के शव के पास एक वाइपर भी पड़ा मिला था। महिला की हत्या की सूचना पर मौके पर आला अधिकारी, सेक्टर-8 थाना पुलिस और एफएसएल टीम ने जांच की थी। महिला के दाहिने हाथ पर आरएम स्टार और दोनों कलाइयों पर ओम गुदा हुआ है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया है कि महिला से दुष्कर्म करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई।
महिला की पति से अनबन चल रही थी। महिला मानसिक रूप से दिव्यांग थी। मनोज नेपाली से महिला की मुलाकात एसआरएस मॉल के पास हुई थी। मूल रूप से नेपाल का रहने वाले मनोज नशा करने का आदी था। मनोज महिला का दुष्कर्म करने के इरादे से सेक्टर-7 में बने गुरुद्वारे के पीछे बने पार्क में ले गया। जहां न सिर्फ महिला का दुष्कर्म किया बल्कि उसके निजी अंग में वाइपर की रॉड डालकर चुन्नी से गला घोंट दिया।
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22 गवाह हुए पेश
सुनवाई न्यायालय में फास्ट ट्रैक कोर्ट के अंतर्गत चली। दो वर्ष में इस मामले में 12 तारीख पड़ी। मुकदमें में 22 गवाह पेश किए गए। उस समय प्राथमिक जांच में सामने आया कि महिला से पहले दुष्कर्म किया गया, फिर निजी अंग में वाइपर का पाइप डाल दिया। महिला की गर्दन भी टूटी हुई थी। गवाही और सबूतों के आधार पर अतिरिक्त सेशन जज पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने बृहस्पतिवार को दोषी को धारा 376 और 302 के तहत फांसी की सजा सुनाई।
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मानसिक रूप से दिव्यांग थी महिला
सरकारी वकील सुरेश चौधरी ने बताया कि इस घटना का कोई चश्मदीद गवाह नहीं था। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मुजरिम तक पहुंची। सबूतों के आधार पर अतिरिक्त सेशन जज पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने दोषी को धारा 376 और 302 के तहत फांसी की सजा सुनाई। साथ ही एक लाख 5 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
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संदीप वर्मा/ हेमलता रावत