सेक्टर 11 में एक्यूआई पहुंचा 324, सेक्टर 16 और 31 के भी हालात खराब
सड़कों पर पानी का छिड़काव नहीं हुआ शुरू, एंटी स्मॉग गन भी खराब
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) लागू होने के बाद पांच दिन बाद भी नगर निगम शहर में वायु प्रदूषण को रोकने के लिए ठोस इंतजाम नहीं कर सका है। निगम की एक एंटी स्मॉग गन खराब हैं। वहीं, शहर में अलग-अलग जगहों पर लगी छोटी एंटी स्माॅग गन भी नहीं चल रही हैं। इसके अलावा टूटी सड़कों पर पानी का छिड़काव भी नहीं हो पा रहा है। बृहस्पतिवार को सेक्टर 11 में एक्यूआई का स्तर 324 रहा है, जो स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर डालता है। वहीं सेक्टर 16 और 31 में भी प्रदूषण का स्तर खराब स्तर तक पहुंच गया है।
स्मार्ट सिटी फरीदाबाद समेत एनसीआर में एक अक्तूबर से ग्रैप लागू है। इसे लागू हुए पांच दिन हो गए हैं लेकिन नगर निगम के इंतजाम कागजों में पूरे हैं। नगर निगम के पास छोटी व बड़ी मिला कूल सात एंटी स्मॉग गन (मशीन) हैं। सभी मशीनों को पिछले साल ही निगम ने खरीदा था और एक ही साल में मशीने कबाड़ होने लगी है। वहीं, निगम के अधिकारी मशीनों को समय पर ठीक भी नहीं करा पा रहे हैं। इस समय टूटी सड़कों पर पानी छिड़काव क जरूरत है, जबकि नगर निगम की एक बड़ी मशीन खराब है और निगम परिसर में खड़ी है। दूसरी ओर निगम मुख्यालय पर लगी मशीन भी नहीं चल रही है। सूत्रों के अनुसार बल्लभगढ़, सेक्टर 11डी, सेक्टर 16 और सेक्टर 31 की मशीनें भी नहीं चल रही है। वहीं, जोन स्तर पर पानी की छिड़काव के लिए टैंकर नहीं मिल पाए हैं। इससे सड़कों पर धूल उड़ रही हैं और लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
कूड़ा जलाने और फेंकने पर छह चालान
नगर निगम की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रभजोत कौर ने बताया कि वार्ड स्तर पर गठित 40 टीमों को ग्रैप के अनुसार चालान करने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने बताया कि टीमों से कूड़े में आग लगाने, खुले में कूड़ा डालने, पॉलीथिन समेत अन्य का चालान कर जुर्माने करने को कहा गया है। अधिकारी ने बताया कि प्रत्येक टीम को ग्रैप से संंबंधी एक-दो चालान करने जरूरी है। इसके अलावा स्वीपिंग मशीनों से सड़कों का सफाई कराने का दायरा भी बढ़ा दिया गया है। बृहस्पतिवार को कूड़े में आग लगाने पर तीन चालान कर 15000 हजार का जुर्माना और खुले में कूड़ा फेंकने पर तीन का चालान कर 11000 हजार जुर्माना लगाया गया है।
एक बड़ी एंटी स्माॅग गन में कुछ खराबी है, जिसे ठीक कराया जा रहा है। अन्य जगहों पर लगी छोटी मशीनें दिन में तीन बार चलती हैं। इसे लेकर जेई से रिपोर्ट मांगी गई है। एंटी स्मॉग गन को दिन में चार-पांच बार चलाने का इंतजाम कराया जाएगा। ग्रैप से संबंधित कदम उठाने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
- नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता नगर निगम