350 किमी लंबी सीवर लाइनों से निकाली जाएगी गाद, पांच साल तक किया जाएगा रखरखाव
सीवर की सफाई के लिए आधुनिक मशीनों का किया जाएगा इस्तेमाल
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के लाखों निवासियों को निगम की तरफ से दिवाली का तोहफा दिया जा रहा है। बरसों से सीवर ओवरफ्लो, जलभराव और दुर्गंध से परेशान लोगों को अब स्थायी समाधान मिलने की उम्मीद जगी है। नगर निगम फरीदाबाद ने शहर की सीवर व्यवस्था को सुधारने के लिए लगभग करीब साढ़े चार करोड़ की लागत की परियोजना को मंजूरी दी है। इसके तहत करीब 350 किलोमीटर लंबी सीवर लाइनों से गाद निकालने का कार्य किया जाएगा। इसके साथ ही अगले पांच साल तक इसका रखरखाव भी किया जाएगा।
नगर निगम से मिली जानकारी के अनुसार यह योजना मुख्य रूप से वार्ड नंबर 19, भारत कॉलोनी और फरीदाबाद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों पर केंद्रित है। इन इलाकों में हर बारिश के दौरान सड़कों पर सीवर का पानी भर जाता है, जिससे नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
इस परियोजना में 200 एमएम से 500 एमएम तक की सीवर लाइनों की सफाई की जाएगी, ताकि पानी का बहाव बिना रुकावट जारी रहे।
फरीदाबाद के सेक्टर-4 से सेक्टर-19 तक के क्षेत्रों, भारत कॉलोनी, और मिनी डिस्पोजल पॉइंट्स के आसपास की लाइनों की भी सफाई इस योजना में शामिल है। यह कार्य एक बार की सफाई तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पांच वर्षों तक नियमित रखरखाव और मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी भी एजेंसी को दी जाएगी।
जलभराव शहर की सबसे बड़ी समस्या
फरीदाबाद में सीवर ओवरफ्लो की समस्या नई नहीं है। बरसात के दौरान सड़कों पर जलभराव, सीवर का गंदा पानी और दुर्गंध के कारण लोगों को ज्यादा परेशानी होती है। शहर के कई हिस्सों में लोग गंदगी से होकर गुजरने को मजबूर हैं। नगर निगम की तरफ से मंजूर की गई इस परियोजना सीवर सिस्टम की मरम्मत के साथ शहर की स्वच्छता और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए भी बहुत अहम कदम है।
एक प्रोजेक्ट से लोगों को मिलेंगे कई लाभ
- जलभराव से मुक्ति : गाद निकलने के बाद सीवर लाइनों में पानी का प्रवाह सुचारू होगा, जिससे बारिश के दौरान सड़कों पर पानी नहीं भरेगा।
- स्वच्छ वातावरण : सीवर ओवरफ्लो रुकने से बदबू और संक्रमण का खतरा घटेगा, जिससे नागरिकों को स्वस्थ वातावरण मिलेगा।
- महामारी पर नियंत्रण : साफ-सुथरा सीवर नेटवर्क डेंगू, मलेरिया और अन्य जल जनित बीमारियों के प्रसार को रोकने में सहायक होगा।
- ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता बढ़ेगी : गाद निकलने के बाद गंदे पानी का सही प्रवाह होगा, जिससे सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पानी पहुंचना आसान होगा और पानी को रिसाइकल करके इस्तेमाल में लिया जा सकेगा।
आधुनिक मशीनों का होगा इस्तेमाल
जानकारी के अनुसार सीवर लाइन की सफाई नवीनतम हाई-सक्शन और जेटिंग मशीनों से की जाएगी, जिनकी मदद से गहराई में जमी गाद, प्लास्टिक व अन्य ठोस कचरे को आसानी से हटाया जा सकेगा। इस प्रक्रिया से समय की बचत होने के साथ कर्मचारियों को सीवर लाइन में उतरना भी नहीं पड़ेगा।
लोगों को भी करना होगा सहयोग
निगम अधिकारियों का कहना है कि निगम की तरफ से हर स्तर पर तेजी से काम किया जा रहा है। लोगों को नई व आधुनिक सुविधाएं देने के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाएं शुरू की जा रही है। लेकिन इसमें नागरिकों को भी सहयोग देना होगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे नालियों में प्लास्टिक या कचरा न डालें ताकि व्यवस्था सुचारू बनी रहे। प्लास्टिक व अन्य कचरा सीवर में डाला जाने के कारण सफाई करने वालों को काफी परेशानी होती है। इसके कारण समय भी अधिक लगता है।
निगम की तरफ लोगों की समस्याओं का तेजी से समाधान किया जा रहा है। आने वाले समय में लोगों को इसका लाभ मिलना भी शुरू हो जाएगा। - गौरव अंतिल, अतिरिक्त निगम आयुक्त