मुंबई की कंपनी ने अदालत में याचिका दायर कर 25 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया
अदालत के आदेश पर अब सूरजकुंड थाने में एफआईआर दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। मुंबई की कंपनी ने सूरजकुंड एरिया में जमीन लीज पर लेकर यहां बैंक्वेट हॉल बनाया। आरोप है कि जमीन मालिकों ने अन्य लोगों के साथ मिलकर नगर निगम की कार्रवाई का डर दिखाकर इसे अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही एक अन्य कंपनी के साथ मिलकर यहां समारोह आयोजित करा खुद ही बुकिंग कर रुपये कमाने लगे। कंपनी ने लगभग 25 करोड़ रुपये के गबन का आरोप लगाया है। पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर सूरजकुंड थाने में ठगी समेत अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की है।
अदालत में ये याचिका मुंबई की कंपनी मेसर्स वेडिंग पार्क हॉस्पिटेलिटीज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर संदीप रामकृष्ण अरोड़ा उर्फ करण की ओर से दायर की गई। कंपनी ने 1 दिसंबर 2017 को महिला बालेश देवी भड़ाना के साथ एक लीज डीड 9 साल के लिए यानी 30 नवंबर 2026 तक के लिए साइन की। गांव मेवला महाराजपुर, तहसील बड़खल में स्थित 67 कनाल, 14 मरला भूमि का किराया 6 लाख रुपये महीने तय हुआ जिसे आगे बढ़ाकर 7.2 लाख किया गया।
शिकायतकर्ता कंपनी ने जमीन पर आयोजन स्थल बनाने के लिए लगभग 6 करोड़ रुपये खर्च किए। आरोप है कि 1 अगस्त 2021 को जमीन मालिक महिला के बेटों की फर्म जन्नत वैली से कंपनी को नोटिस मिला। इसमें जमीन को वन भूमि की बताकर यहां से सभी प्रकार के निर्माण को हटाने को कहा गया। नोटिस के 7 दिन के अंदर साइट को पहले जैसी करने को कहा गया। नगर निगम फरीदाबाद की ओर से यहां नोटिस चस्पा कर 23 अगस्त 2021 को तोड़-फोड़ गतिविधि की चेतावनी दी। आरोप है कि कंपनी ने अपना सामान यहां से हटवाना चाहा तो गेट बंद कर सामान नहीं लेने दिया। जून 2024 में परिसर के ताले, सीसीटीवी हार्ड डिस्क भी बदलने का आरोप लगाया गया है।
आरोप है कि शिकायतकर्ता कंपनी की लीज अवधि पूरी होने से पहले ही एक अन्य कंपनी के साथ मिलकर ये साइट अब उन्हें सौंप दी है और वो यहां शादी-समारोह आयोजित कर रहे हैं। आरोप है कि 6 करोड़ रुपये साइट को डवलप करने में और लगभग 5.5 करोड़ रुपये मासिक किराये के तौर पर दे चुके हैं। मामले में अब अदालत के आदेश पर सूरजकुंड थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।