महिलाओं को छोटे बच्चों को दूध पिलाने में होती है परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
बल्लभगढ़। बीके अस्पताल में ओपीडी के बाहर बने शिशु आहार कक्षा पर हमेशा ताला लगा रहता है। जिस वजह से अस्पताल में आने वाली महिलाओं को छोटे बच्चों को दूध पिलाने में परेशानी होती है। कई बार महिलाएं मजबूरी में खुले में दूध पिलाती हैं।
बीके अस्पताल में रोजाना करीब 1200 से अधिक मरीज उपचार करवाने के लिए आते हैं। उसमें से कुछ जच्चा भी होती हैं। उनको छोटे बच्चों को दूध पिलाने के लिए काफी परेशानी होती है। अस्पताल प्रशासन की ओर से ओपीडी के मुख्य द्वार पर शिशु आहार कक्षा बनाया गया है पर उस पर हमेशा ताला लगा रहता है। जिस वजह से महिलाओं को दूध पिलाने में काफी परेशानी होती है।
डबुआ कॉलोनी निवासी सुषमा ने बताया कि उनका दो महीने का बच्चा है। बच्चे को कई दिनों से खांसी हो रही है। मंगलवार को बच्चे की हालत ज्यादा खराब होने के चलते वह अस्पताल लेकर गई थी। बच्चे को दूध पिलाना चाहा तो शिशु आहार कक्ष के बाहर ताला लगा हुआ था। जिसके कारण खुले में पार्क में बैठकर बच्चे को दूध पिलाना पड़ा। वहीं राधा का कहना है कि वी भी अपने बच्चे को खुले में ही दूध पिलाती है। क्योंकि कक्ष का दरवाजा हमेशा ही बंद रहता है।