दो नामजद समेत सात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम कर्मचारियों पर हुए हमले के मामले में पुलिस ने दो नामजद समेत सात लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने और मारपीट करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। शनिवार को सेक्टर-21ए ट्रांसफर स्टेशन (खत्ता) पर लावारिस पशु पकड़ने के दौरान निगम की पशु पकड़ने वाली टीम पर हमला किया गया था। इसमें एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हुआ था। वहीं दूसरे कर्मी को भी चोटें आई थीं। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही है, लेकिन अब तक कोई भी गिरफ्त में नहीं आया है।
पुलिस को दी शिकायत में मिर्जापुर निवासी अंकित यादव ने बताया कि वह नगर निगम फरीदाबाद में सहायक सेनेटरी इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। उनकी ड्यूटी निगम की पशु दस्ता टीम के साथ लगाई गई थी। 11 अक्तूबर की सुबह करीब 10:45 बजे वे अपनी टीम के साथ गाड़ी लेकर सेक्टर-21ए ट्रांसफर स्टेशन पहुंचे, जहां वे लावारिस पशुओं को पकड़ने का काम कर रहे थे। इसी दौरान पीछे से मोटरसाइकिल पर सवार होकर 6-7 युवक वहां पहुंचे, जिनके हाथ में लाठी-डंडे और कांच की खाली बोतलें थीं।
शिकायत के अनुसार, युवकों ने आते ही गाली-गलौज शुरू कर दी और जब कर्मचारियों ने विरोध किया तो उन पर हमला बोल दिया। मारपीट के दौरान जब टीम के सदस्य ललित उर्फ भूरा (निवासी डबूआ कॉलोनी) ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपी रोबिन चंदीला ने उसके सिर पर कांच की बोतल से वार कर दिया, जबकि प्रिंस ने उसके बाएं हाथ पर डंडे से हमला किया। इससे भूरा गंभीर रूप से घायल हो गया।
हमलावरों ने कर्मचारियों को जान से मारने और गाड़ी में आग लगाने की धमकी भी दी और फिर वहां से भाग गए। पुलिस ने अंकित यादव की शिकायत के आधार पर रोबिन चंदीला और प्रिंस, दोनों निवासी फतेहपुर चंदीला समेत सात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश की जा रही है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
निगम कर्मियों ने की जल्द गिरफ्तारी की मांग
नगर निगम के एक अधिकारी ने बताया कि कर्मचारियों पर हमला बेहद गंभीर मामला है। नगर निगम इस पर सख्त रुख अपनाएगा। निगम के अधिकारियों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। अधिकारी ने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव के लिए पुलिस सुरक्षा के साथ संयुक्त अभियान चलाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि कर्मचारी सुरक्षित रह सकें और शहर से लावारिस पशुओं की समस्या पर नियंत्रण पाया जा सके।