रात के अंधेरे में हाईवे किनारे से किया रेस्क्यू, पड़ोसियों ने भी कहा कि इस बच्ची को कहीं और ले जाओ
किशोरी ने घर जाने से इंकार किया, शेल्टर होम में रखा गया
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। 3 साल की उम्र में मासूम बच्ची के सिर से मां का साया उठ गया। कुछ महीनों तक उसे बुआ ने पाला और फिर पिता ने दूसरी शादी कर ली। सौतेली मां ने कुछ समय तक तो उसे ठीक रखा और बाद में उसे प्रताड़ित करने लगी। बीते 8 साल से परिवार मध्यप्रदेश के दतिया से आकर सूरजकुंड थाना इलाके के मेवला महाराजपुर में रहने लगा। पिता सुबह काम पर चले जाते और सौतेली मां बच्ची को प्रताड़ित करती। उससे घर का सारा काम कराती, अन्य बच्चों को संभलवाती और छोटी-छोटी बात पर उसे जानवरों की तरह पीटती। बच्ची के साथ होने वाले व्यवहार को देखकर पड़ोसी व मकान मालकिन बुजुर्ग महिला भी बहुत आहत होते थे। इन सबके टोकने पर भी सौतेली मां नहीं मानी।
इतने साल से प्रताड़ना झेल रही किशोरी अब 13 साल की हो चुकी है। सब्र का बांध टूटा और बुधवार 4 फरवरी की दोपहर लगभग 4 बजे वो अपने घर से निकल गई। पैदल चलते हुए वो थक गई तो रात लगभग 10 बजे सराय ख्वाजा टोल के पास हाईवे किनारे बैठ गई। यहां एक राहगीर ने बच्ची को अकेला रोता देख डायल 112 पर सूचना दी। तब पुलिस की एंटी ह्यूमन ट्रेफिकिंग यूनिट इंचार्ज एसआई शीतल, एसआई अनिल और महिला एवं बाल विकास विभाग फरीदाबाद की जिला बाल संरक्षण इकाई के कार्यकर्ता प्रदीप कुमार वहां पहुंचे और किशोरी को अपने साथ ले गए। उसे शेल्टर होम में रखा गया।
बृहस्पतिवार को सीडब्ल्यूसी के समक्ष किशोरी की काउंसलिंग कराई गई। उसने अपने साथ हो रहे मां के व्यवहार से आहत होकर घर से निकलने की बात बताई। किशोरी ने कहा कि वो घर नहीं जाना चाहती और इसलिए घर का पता भी नहीं बता रही थी। शुक्रवार को फिर से टीम ने उसकी काउंसलिंग की। उसे गाड़ी में बैठाकर लगभग 2 घंटे तक टीम आस-पास के इलाके में घुमाती रही कि वो किसी इलाके को देख पहचान ले और घरवालों तक पहुंचाया जा सके।
मां के साथ नहीं जाना चाहती थी
टीम ने उसकी फिर से काउंसलिंग की तो किशोरी ने मेवला महाराजपुर के पास पेट्रोल पंप से आगे जाकर रास्ता दिखाया और अपने घर तक ले गई। वहां पड़ोसियों व मकान मालकिन बुजुर्ग महिला से पुलिस व बाल संरक्षण इकाई टीम ने बात की तो सभी ने कहा कि बच्ची को कलयुगी मां के पास छोड़ने की बजाय अपने साथ ही ले जाओ। किशोरी भी मां के साथ नहीं जाना चाहती थी। इसके चलते किशोरी को शेल्टर होम में ही रखा गया है। बुधवार को घर छोड़कर निकली किशोरी के पिता ने बृहस्पतिवार को सूरजकुंड थाना में उसके घर से बगैर बताए कहीं चले जाने के चलते एफआईआर दर्ज कराई थी।