-हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद मुख्य प्रशासक ने जारी किया आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। नगर की अनाज मंडी क्षेत्र में प्रस्तावित नई सब्जी मंडी और अस्थायी रूप से संचालित सब्जी मंडी के बीच लंबे समय से चल रहे विवाद पर हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के मुख्य प्रशासक मुकेश कुमार आहूजा ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। यह आदेश पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 17 अक्टूबर 2025 को पारित निर्देशों के अनुपालन में जारी किया गया है, जिसमें संबंधित पक्षों को सुनवाई का अवसर देकर कानून के अनुसार निर्णय लेने को कहा गया था।
मुख्य प्रशासक ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि नई सब्जी मंडी 10 जून 2014 से विधिवत अधिसूचित है और नियमों के अनुसार कच्चा आढ़ती लाइसेंस धारक अधिसूचित मंडी परिसर के बाहर व्यापार नहीं कर सकते। वर्ष 2015 के बोर्ड सर्कुलर का हवाला देते हुए कहा गया कि अधिसूचित क्षेत्र के बाहर लाइसेंस जारी नहीं किया जा सकता। इसलिए केवल लंबे समय से संचालन के आधार पर अस्थायी स्थल पर व्यापार जारी रखने का कोई वैधानिक अधिकार नहीं बनता। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि नई सब्जी मंडी में दुकानें खुले नीलाम के माध्यम से आवंटित की गई थीं और मंडी के विकास पर बोर्ड द्वारा पर्याप्त धनराशि खर्च की गई है। यदि व्यापार को अधिसूचित मंडी के बाहर संचालित करने की अनुमति दी जाती है तो इससे विधिवत दुकान खरीदने वाले आवंटियों के अधिकार प्रभावित होंगे।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी यह सुनिश्चित किया गया है कि हाईटेंशन लाइन से प्रभावित तीन दुकानों तथा संबंधित क्षेत्र के पुनर्स्थापन या संशोधन के लिए आर्किटेक्ट विंग आवश्यक कदम उठाएगा, ताकि किसी भी प्रकार का खतरा न रहे। आदेश में मार्केट कमेटी तावडू को निर्देश दिया गया है कि विधि अनुसार प्रक्रिया अपनाते हुए व्यापार को नई सब्जी मंडी में स्थानांतरित किया जाए। साथ ही, हाईटेंशन लाइन से प्रभावित दुकानों और क्षेत्र के संबंध में इंजीनियरिंग रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक संशोधन या पुनर्स्थापन सुनिश्चित किया जाए। इस फैसले के बाद एक वर्ग को झटका लगा है, जबकि एक पक्ष ने इसका स्वागत किया है।
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सुरक्षा चिंताओं से जुड़ा था मामला मामला
तावडू की नई अधिसूचित सब्जी मंडी में 66 केवी हाईटेंशन बिजली लाइन गुजरने के कारण सुरक्षा संबंधी चिंताओं से जुड़ा था। अस्थायी सब्जी मंडी में वर्ष 1992 से कार्यरत कमीशन एजेंटों ने यह दलील दी थी कि हाईटेंशन लाइन के कारण नई मंडी में व्यापार करना असुरक्षित है और वे पिछले 33 वर्षों से पुराने स्थल पर कारोबार कर रहे हैं, इसलिए उन्हें वहीं कार्य करने की अनुमति दी जाए। वहीं नई सब्जी मंडी में दुकानों के खरीदारों ने अदालत में याचिका दायर कर 10 जून 2014 की अधिसूचना को लागू करने और पुराने व्यापारियों को अधिसूचित मंडी में स्थानांतरित करने की मांग की थी।