- प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों का होगा शैक्षणिक आकलन, शिक्षकों को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
- निपुणता बढ़ाने के लिए बनेगी ठोस रणनीति, छात्रों की कमजोरियों की होगी पहचान
संवाद न्यूज, हथीन। जिले में शिक्षा विभाग अब प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों की पढ़ाई के स्तर को और मजबूत बनाने के लिए नई पहल करने जा रहा है। इसके तहत जिले के टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद ये शिक्षक प्राथमिक स्तर के बच्चों का आकलन करेंगे और उनकी सीखने की क्षमता का मूल्यांकन करेंगे।
शिक्षा विभाग के अनुसार, इस प्रक्रिया से न सिर्फ छात्रों की कमजोरियों की पहचान होगी, बल्कि भविष्य में उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के लिए ठोस रणनीति भी बनाई जाएगी। अभियान पूरा होने के बाद जिलेभर के सभी स्कूलों की रिपोर्ट एकत्रित की जाएगी। इस रिपोर्ट के आधार पर विभाग यह तय करेगा कि जिले में कितने बच्चे निपुण (लर्निंग आउटपुट के मानकों पर खरे) हैं और किन्हें अतिरिक्त सहयोग की आवश्यकता है।
शुक्रवार को एबीआरसी और बीआरपी का प्रशिक्षण
शिक्षा विभाग की ओर से शुक्रवार को जिले के सभी खंडों के एबीआरसी (एरिया बेस्ड रिसोर्स कोऑर्डिनेटर) और बीआरपी (ब्लॉक रिसोर्स पर्सन) को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह कार्यक्रम विभिन्न वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में आयोजित किया जाएगा। सुबह 10 बजे से शुरू होने वाले इस प्रशिक्षण में सभी एबीआरसी और बीआरपी हिस्सा लेंगे। शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारी रविन्द्र दीक्षित ने बताया कि जिला स्तर पर प्रशिक्षित एबीआरसी और बीआरपी आगे क्लस्टर स्तर पर शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे। इसका मुख्य उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों के शैक्षणिक स्तर को सुधारना और उन्हें निपुण बनाना है।