फरीदाबाद के तिगांव स्थित सरस्वती शिशु सदन स्कूल में पढ़ने वाले छठी कक्षा के छात्र देवांश की आंख की रोशनी ऑपरेशन की बाद भी वापस नहीं आ सकी। स्कूल की एक शिक्षिका पर स्केल से पीटने का आरोप है।
डॉक्टरों की मानें तो स्केल से आंख के आंतरिक हिस्से में चोट लगने से अंदर तक जख्म हो गया है। कुछ वर्ष के बाद दूसरी आंख पर भी इसका असर दिख सकता है। उधर, जिला शिक्षा अधिकारी का कहना है कि अभी तक इस संबंध में मुझे कोई जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो दोषी शिक्षिका के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
देवांश के पिता सुंदर का कहना है कि 21 अक्तूबर यानी बीते शनिवार को उनका 12 वर्षीय बेटा देवांश सामान्य दिनों की तरह स्कूल गया था। उन्हें फोन पर जानकारी मिली कि देवांश को स्कूल में पढ़ाई के दौरान आंख में चोट लग गई है। आंख से खून का रिसाव हो रहा था और उसे दिखाई भी नहीं दे रहा था।
उन्होंने उसे सेक्टर 16 स्थित एक निजी आंख के अस्पताल में दिखाया। जहां डॉ. अमित आहूजा ने प्राथमिक उपचार के बाद दिल्ली के दरिया गंज स्थित डॉ. श्रॉफ अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां डॉक्टरों की टीम ने दो घंटे तक ऑपरेशन किया, बावजूद इसके उसकी आंख की रोशनी वापस नहीं आ सकी।
आरोप है कि बच्चे को स्कूल की शिक्षिका प्रीति नागर ने पहले पीटा, उसके बाद उसे क्लास रूम के बाहर खड़ा कर दिया। उसके बाद उसे स्टील के स्केल से मारा। देवांश के पिता का कहना है कि घटना की जानकारी सोमवार शाम को दे दी गई है।
इस घटना के संबंध में मुझे अभी तक कोई जानकारी नहीं है। मैं बैठक में व्यस्त थी। अगर ऐसा है तो मामले की जांच कर, दोषी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - आशा दहिया, जिला शिक्षा अधिकारी
इस घटना की सूचना मुझे नहीं है। अगर ऐसा हुआ है, तो यह एक अमानवीय घटना है। ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। - एसएस गोसाई, हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस के राज्य प्रधान