फरीदाबाद। निकिता तोमर की हत्या के आरोप में नीमका जेल में बंद तौसीफ सूरज की रोशनी देखने को भी तरस रहा है। उसके साथ पेशेवर अपराधियों जैसा व्यवहार किया जा रहा है। ये आरोप तौसीफ के अधिवक्ता ने अदालत में अर्जी देकर जेल प्रशासन पर लगाए हैं। कोर्ट ने इस मामले में जेल के अधिकारियों की तरफ से मंगलवार को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
बचाव पक्ष के अधिवक्ता अनीस खान का कहना है कि तौसीफ व उसके साथियों को सुरक्षा के नाम पर जेल में प्रताड़ित किया जा रहा है। उनका आरोप है कि तौसीफ के मामले में जेल अधिकारी मानवाधिकारों का हनन कर रहे हैं। उन्होंने विशेष कोर्ट के न्यायधीश सरताज बासवाना की अदालत में इस बात को लेकर अर्जी लगाई है। आरोपियों के अधिवक्ता ने जेल प्रशासन पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए याचिका दायर की और जेल में बंद आरोपी तौसीफ और रेहान को जेल मैन्यूअल के तहत रखने की अपील की।
ठंड में धूप सेंकने और कैंटीन में सामान लेने की अनुमति नहीं
बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि जेल प्रशासन दोनों आरोपियों को एक छोटे से कमरे में 24 घंटे तक बंद करके रखते हैं। उन्हें न तो ठंड में बाहर धूप लेने के लिए बाहर निकाला जाता है और न ही कैंटीन में सामान लेने की अनुमति दी जाती है। यही नहीं अभी तक परिजनों को मिलने तक नहीं दिया गया। अनीस खान का आरोप है कि नीमका जेल में आरोपियों से गंभीर अपराधी की तरह व्यवहार किया जा रहा है। मंगलवार को इस याचिका पर सुनवाई होगी।