फरीदाबाद के धौज इलाके से गिरफ्तार संदिग्ध आतंकी डॉ. मुज्जमिल अहमद गनेई उर्फ मुसैब बीते साढ़े तीन साल से अल फलाह यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा था। यूनिवर्सिटी में इतना लंबा समय बिताने के दौरान उसके यहां के लोगों और स्टॉफ से बेहतर संपर्क बन गए थे।
यूनिवर्सिटी परिसर में ही नमाज पढ़ाने वाले इमाम से भी उसकी अच्छी जान पहचान थी। यही वजह है कि उसने किराए के लिए इमाम से संपर्क किया। इमाम ने मदद करते हुए उसे यूनिवर्सिटी परिसर से महज 500 मीटर की दूरी पर मेन रोड किनारे बनी बिल्डिंग में एक कमरा करीब डेढ़ माह पहले दिलाया।
उसके तीन दिन बाद ही मुसैब का कुछ सामान आया और उसने 8 बड़े सूटकेस, 4 छोटे सूटकेस, एक बाल्टी समेत कुछ अन्य सामान यहां रख दिया। इसके बाद मुसैब या अन्य कोई दोबारा इस कमरे पर नहीं गया।
मुसैब ने एक अन्य मकान दिलाने को कहा तो इमाम बोला कि यहां से 4 किलोमीटर दूर स्थित फतेहपुर तगा गांव में मेरा मकान है। करीब सात साल पहले मैंने वो मकान खरीदा था जो मैंने जाबिद नामक टेंपो चालक को किराये पर दिया है।