सर्जन करेंगे गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी, दी जाएगी ट्रेनिंग हेमलता रावत
बल्लभगढ़। सरकारी अस्पताल व स्वास्थ्य केंद्रों के सर्जन भी अब गर्भवती महिलाओं की सिजेरियन डिलीवरी करेंगे। इसके लिए स्त्री रोग विशेषज्ञों द्वारा पहले जनरल सर्जन को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसको लेकर सभी जिलों के सिविल सर्जन को निर्देश जारी किए गए हैं।
बीके अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर एक ही छत के नीचे स्त्री राेग व बाल रोग विशेषज्ञों सहित बेहोशी के डॉक्टर (एनेस्थेटिस्ट) की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसके कारण पीएचसी व सीएचसी स्तर पर गंभीर गर्भवती को सिजेरियन डिलीवरी की सुविधा नहीं मिल पाती है और हायर सेंटर रेफर कर दिया जाता है, जिससे कई बार जच्चा बच्चा की जान को जोखिम रहता है। इसी के चलते नेशनल हेल्थ मिशन द्वारा आदेश जारी किए गए हैं कि स्वास्थ्य केंद्रों पर तैनात जनरल सर्जन, बाल रोग विशेषज्ञ व बेहोशी के डॉक्टर सर्जन को अब स्त्री रोग विशेषज्ञ सिजेरियन डिलीवरी के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे गर्भवती महिलाओं के रेफरल केसों में कमी आएगी और उनकी जान को भी खतरा नहीं होगा। जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों में हर साल करीब 35 हजार डिलीवरी होती हैं। बीके अस्पताल में हर रोज 20 से 25 डिलीवरी होती हैं, जिसमें 10 के करीब सिजेरियन डिलीवरी होती हैं।
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दोनों एफआरयू में नहीं है कोई सर्जन
गर्भवती महिलाओं को बेहतर सुविधा देने के लिए प्रथम रेफरल यूनिट को बनाया हुआ है, जोकि सेक्टर 3 और सेक्टर 30 में है। दोनों स्वास्थ्य केंद्र पर हर रोज 200 से 250 गर्भवती महिलाएं उपचार के लिए आती हैं। दोनों स्वास्थ्य केंद्रों पर अगर कोई हाई रिस्क वाली गर्भवती महिला डिलीवरी के लिए आती है तो उसको बीके अस्पताल व दिल्ली रेफर कर दिया जाता है।
स्त्री रोग विशेषज्ञों की कमी को दूर करने के लिए सर्जन को प्रशिक्षण देकर सिजेरियन डिलीवरी में सहयाेग लिया जाएगा। यह एनएचएम का अच्छा कदम है। इससे हाई रिस्क प्रेगनेंसी केस में सुरक्षित डिलीवरी संभव हाेगी।
डाॅ. सुशील अहलावत, डिप्टी सिविल सर्जन।