988 करोड़ से बदलेगी फरीदाबाद की सूरत, सीवर-पानी-सड़क पर बड़े फैसले
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने के लिए शुक्रवार को सूरजकुंड में आयोजित फरीदाबाद महानगरीय विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) की सातवीं बैठक में 988 करोड़ रुपये के वार्षिक बजट को मंजूरी दी गई। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में सीवरेज, जल आपूर्ति, ड्रेनेज, सड़क और हरित विकास से जुड़े कई बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दी गई।
बैठक में साफ किया गया कि शहर में सीवरेज व्यवस्था को मजबूत करना प्राथमिकता होगी। इसके तहत प्रतापगढ़ (90 एमएलडी), मिर्जापुर (70 एमएलडी) और बादशाहपुर (45 एमएलडी) के एसटीपी को उन्नत तकनीक से अपग्रेड किया जाएगा। 205 एमएलडी क्षमता वाली इस परियोजना पर करीब 85 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें ओजोनाइजेशन, यूवी डिसइंफेक्शन और फिल्ट्रेशन जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा।
सूरजकुंड क्षेत्र में 20 एमएलडी क्षमता का नया एसटीपी 42.20 करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। इससे आसपास के क्षेत्रों में सीवरेज दबाव कम होगा और ओवरफ्लो की समस्या में राहत मिलेगी।
मास्टर सीवरेज योजना के तहत मिर्जापुर, बादशाहपुर और प्रतापगढ़ में मल कीचड़ प्रबंधन के लिए संयंत्र विकसित किए जाएंगे। इस पर करीब 18 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे सीवरेज प्रबंधन अधिक प्रभावी बनेगा।
पेयजल सुधार के लिए 21.24 करोड़ की योजना
शहर में सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए 21.24 करोड़ रुपये की परियोजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत करीब 30 एमएलडी पानी को शुद्ध किया जाएगा, जिससे कई कॉलोनियों में पानी की समस्या दूर होने की उम्मीद है।
210 वर्ग किमी क्षेत्र के लिए ड्रेनेज मास्टर प्लान
जलभराव की समस्या से निपटने के लिए 98.69 करोड़ रुपये की लागत से 210 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को कवर करने वाली ड्रेनेज योजना लागू की जाएगी। इसमें नए नाले, पाइपलाइन, पंपिंग सिस्टम और डिस्पोजल प्वाइंट विकसित किए जाएंगे। मुजेसर, सेक्टर-21ए, बल्लभगढ़ और अनाज मंडी जैसे क्षेत्र इसमें शामिल हैं।
एनआईटी में मॉडल रोड, 67 करोड़ खर्च होंगे
एनआईटी क्षेत्र में 7.33 किलोमीटर सड़कों को मॉडल रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 67 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सड़कों पर फुटपाथ, साइकिल ट्रैक, स्मार्ट लाइटिंग, ट्रैफिक सिग्नल और ग्रीन बेल्ट विकसित किए जाएंगे।
दिल्ली बॉर्डर से सेक्टर-59 तक बनेगा ग्रीन बेल्ट
दिल्ली बॉर्डर (सेक्टर-37) से सेक्टर-59 तक 18 किलोमीटर लंबा ग्रीन बेल्ट विकसित किया जाएगा। इस परियोजना पर करीब 26 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिससे पर्यावरण सुधार और वायु गुणवत्ता बेहतर करने में मदद मिलेगी।
अधूरे कामों पर सख्ती, अधिकारियों को लगाई फटकार
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने पिछली बैठकों में मंजूर परियोजनाओं के अधूरे रहने पर नाराजगी जताई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वर्षों तक काम लटकाना स्वीकार्य नहीं है और जनता को जवाब देना सरकार की जिम्मेदारी है।
दो अधिकारियों पर कार्रवाई, सस्पेंशन पर स्थिति स्पष्ट नहीं
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, लंबे समय से कार्यों में देरी करने वाले दो अधिकारियों पर कार्रवाई की गई है। हालांकि उनके निलंबन को लेकर स्थिति लिखित आदेश जारी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
हर 15 दिन में होगी प्रगति की समीक्षा
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं की हर 15 दिन में समीक्षा की जाए, ताकि समयबद्ध तरीके से कार्य पूरे हो सकें। विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर, राज्य मंत्री राजेश नागर, शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, स्थानीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।