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सूरजकुंड मेला: बड़ी चौपाल पर हरियाणवी कलाकारों ने मचाया धमाल, देशी-विदेशी गीतों पर झूमे पर्यटक

Tue, 06 Feb 2024 01:55 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, फरीदाबाद

सार

छोड़ी-बड़ी चाैपालों पर देश-विदेश से आए कलाकारों ने धमाकेदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर पर्यटकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। बड़ी चौपाल पर जहां एक ओर ट्यूनीशियाई कलाकारों ने यूखनी यइम्मा-यइम्मा गीत से लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया।
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फरीदाबाद सूरजकुंड मेले में नृत्य प्रस्तुत करते हरियाणवीं कलाकार - फोटो : जोगेंद्र शर्मा
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विस्तार
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37वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला धीरे-धीरे शबाब पर पहुंचने लगा है। मेले के तीसरे दिन सोमवार को दर्शकों की खासी भीड़ उमड़ी। छोड़ी-बड़ी चाैपालों पर देश-विदेश से आए कलाकारों ने धमाकेदार सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर पर्यटकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। बड़ी चौपाल पर जहां एक ओर ट्यूनीशियाई कलाकारों ने यूखनी यइम्मा-यइम्मा गीत से लोगों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। वहीं हरियाणा के कलाकारों ने डांस का तड़का लगाया। किर्गिस्तान और माली के कलाकारों ने रंगारंग डांस की प्रस्तुति दी।

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सोमवार को मुख्य चौपाल पर विभिन्न देशों के कलाकारों ने अपनी संस्कृति के रंग बिखेरे। गुजराज प्रांत के पोरबंदर जिले से आए लोक कलाकारों ने आवण रास मंडल ने मनिहारा रास की मनमोहक प्रस्तुति दी। किर्गिस्तान के कलाकारों ने अपने हाथों से बनाए गए वाद्ययंत्रों की धुनों पर नृत्य कर पर्यटकों का मन मोह लिया। वहीं, इथोपिया के कलाकारों ने गम्मेला डांस करके लोगों को भाईचारा कायम रखने का संदेश भी दिया। ट्यूनीशियाई के नेशनल ट्रुफ ने अपने देश की सुंदरता व खुशहाली को यूखनी यइम्मा-यइम्मा गीत के साथ नृत्य की प्रस्तुति देकर पर्यटकों को मंत्रमुग्ध किया।

गाम्बिया देश के कलाकारों ने अपनी आजादी व खुशहाली के मौके पर गाए जाने वाले गीत की शानदार प्रस्तुति दी। जामिया के कलाकारों ने परंपरागत नृत्य लिक्किसी की प्रस्तुति दी। कोमोरोज सहित अन्य देश के कलाकारों ने भी अपने-अपने देश की भव्यता को गीतों व डांस के माध्यम से पेश करके बड़ी चौपाल पर बैठे पर्यटकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। वहीं फूड स्टॉल पर लोग गुजरात का ढोकला, फाफड़ा सहित अन्य प्रदेशों के मशहूर व्यंजनों के चटकारे लेते नजर आए।

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अपशिष्ट से सर्वोत्तम व कागज शिल्प प्रतियोगिताएं
मेले में विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए अपशिष्ट से सर्वोत्तम व कागज शिल्प प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विभिन्न स्कूलों के 189 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। प्रतियाेगिता में विजेताओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।

अपशिष्ट से सर्वोत्तम की मिश्रण समूह की प्रतियोगिता में सेक्टर-37 के डीएवी पब्लिक स्कूल के एकलव्य गर्ग ने प्रथम, आइडल पब्लिक स्कूल के आरूष, रिषभ व शिवम ने द्वितीय और मॉडर्न बीपी स्कूल के कार्तिक, रेहान व आयुष ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। इसी प्रकार कागज शिल्प की कनिष्ठ वर्ग की प्रतियोगिता में आइडल पब्लिक स्कूल की सुजाता शर्मा ने प्रथम, आशीर्वाद पब्लिक स्कूल की अंकिता यादव ने द्वितीय और सेंट जॉन्स पब्लिक स्कूल फरीदाबाद की भूमिका ने तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया। वरिष्ठ वर्ग में हरमन कौर ने प्रथम, मुरारी लाल वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की अंकिता यादव व वंशिका कंसल ने क्रमश: द्वितीय व तृतीय पुरस्कार प्राप्त किया।

गोरिल्ला का मास्क पहनकर पर्यटकों को लुभा रहा युगांडा का लेविटिक्स वसवा
मेले में देश ही नहीं विदेशी कलाकार भी अपने उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए अनोखे तरीके अपना रहे हैं। इसमें गोरिल्ला मास्क पहन अपने स्टॉल के सामने खड़े होकर पर्यटकों को लुभा रहे युगांडा देश के लेविटिक्स वसवा भी शामिल हैं। लेविटिक्स ने बताया कि उनके स्टॉल पर लकड़ी से तैयार पशु-पक्षियों की विभिन्न कलाकृति उपलब्ध हैं। युगांडा में गैल्फ की लकड़ी ऐसी कलाकृतियों को बनाने में सबसे उपयुक्त होती हैं। इस लकड़ी से लकड़ी में नक्काशी व मुड़ाई का काम आसानी से हो जाता है। उनका कहना है कि लकड़ियों की कलाकृतियों की देश-विदेश में खूब डिमांड है। वे अपने उत्पादों की ब्रांडिंग व मार्केटिंग के लिए दिनभर गोरिल्ला मास्क पहनकर घूमते रहते हैं, जबकि उनके की साथी स्टॉल पर मौजूद रहते हैं।
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