विज्ञान के प्रति नवाचारों के लिए भी किया जाएगा प्रेरित
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को अब सौर परिवार, चंद्रायन के ईंधन, मानव मस्तिष्क और शरीर के सभी अंगों के विषय में मॉडल के माध्यम से पढ़ाया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों में विज्ञान के प्रति रूचि पैदा करना है। इसके अलावा उन्हें विज्ञान के प्रति नवाचारों के लिए भी प्रेरित किया जाएगा।
राज्य स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद और राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद के सहयोग से प्रदेश के करीब 120 विज्ञान के शिक्षकों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण बेंगलुरु के कुप्पम में अगस्ता फाउंडेशन की ओर से प्रशिक्षित किया गया है। इनमें जिले से 6 शिक्षकों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। प्रशिक्षण ले चुके शिक्षक विज्ञान के अन्य शिक्षकों को नवाचारों एवं शिक्षण अधिगम को बनाने के लिए प्रशिक्षित करेंगे। इन शिक्षकों को प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनर बनाया गया था। इसके बाद सभी विद्यार्थियों को विज्ञान के नवाचारों के बारे में प्रशिक्षण मिल सकेगा। शिक्षा विभाग की ओर से अभी तक प्रशिक्षण के लिए समय निर्धारण नहीं किया गया है। बताया जा रहा है कि एक सप्ताह के प्रशिक्षण के लिए रूप रेखा तैयार की जाएगी।
प्रत्येक स्कूल में पहुंचेंगे मॉडल
प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक मेक योर ओन लैब तथा अगस्ता फाउंडेशन की ओर से मॉडल तैयार कर प्रत्येक स्कूलों में भेजेंगे। स्कूल के छात्रों को लैब के मॉडल और अन्य बारीकियों के बारे में रोचक ढंग से बताया जाएगा। इस दौरान प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षक छात्रों को भी विज्ञान नवाचार के बारे में प्रेरित करेंगे। इसके साथ उन्हें नए मॉडल बनाने में मदद भी करेंगे।
वर्जन
शिक्षकों को विज्ञान को रोचक तरीके से पढ़ाने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित की गई थी। इस दौरान नए नवाचारों और शिक्षण अधिगम के प्रति जागरूक किया गया। इसका आयोजन अगस्ता फांउडेशन कुप्पम बेंगलूरू में किया गया। पांच दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में शिक्षकों को मेक योर ओन लैब किट प्रदान किया गया। - कृष्ण कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ