संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले के पांच संस्कृति स्कूलों के छठीं से बारहवीं कक्षा के विद्यार्थियों को अब रोबोटिक्स और कोडिंग के तकनीक को सिखाया जाएगा। छात्रों को स्कूली स्तर से ही इसके प्रति रुचि पैदा करना और भविष्य में इंजीनियर तैयार करने की योजना है। प्रथम चरण में पांच संस्कृति स्कूलों में शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके बाद जिले के अन्य स्कूलों में शुरू किया जाएगा।
स्कूलों में प्रतिदिन एक से दो घंटे लर्निंग रोबोटिक्स बनाने की गतिविधियां सिखाई जाएंगी। सेक्टर 55 राजकीय स्कूल के एक वरिष्ठ शिक्षक का कहना है कि इसे तीन स्तरों पर रोबोट बनाना सिखाया जाएगा। वहीं, रोबोट बनाने के किट रोबोटिक्स डिवाइसर्स की ही जानकारी दी जाएगी। इसके साथ ही कोडिंग से विद्यार्थी वेबसाइट बना सकेंगे। जो विद्यार्थी गणित, अंग्रेजी विषयों और कंप्यूटरों में गहरी रुचि रखते हैं वो अंकगणितीय बौद्धिक विकास के साथ ही गेम, एप्लीकेशन आदि भी बना सकेंगे। छात्रों को महीने में 25 दिनों तक मास्टर ट्रेनर के माध्यम से प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके लिए स्कूल के कम्प्यूटर शिक्षक और पीजीटी को ट्रेनिंग दिया जाएगा। विद्यार्थी डिजिटल के दौर में बौद्धिक क्षमता बढ़ाने के लिए कंप्यूटर की दुनिया में आगे बढ़ सकें, इसलिए समग्र शिक्षा विभाग की ओर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है। बताया जा रहा है कि स्कूलों के 30-30 विद्यार्थियों को कोडिंग व रोबोटिक्स के विषय में सिखाया जाएगा। मालूम हो कि प्रथम चरण में जिले के चार से पांच स्कूलों में शुरू किया जाएगा।
इनकी ट्रेनिंग मिलेगी
फोटो फोबिक रोबोट, फोटो ट्राॅपिक रोबोट, ऑब्स्टेकल अवॉइडर, रोबोट, ऑब्स्टेकल फॉलोआर, रोबोट, ग्रिपर रोबोट, स्टीयरिंग रोबोट, लाइन फॉलोअर रोबोट, एज अवॉइडर रोबोट, वॉल फॉलोअर रोबोर्ट, ट्रैश-बिन रोबोट, पिक एंड एंड प्लेस रोबोट, थ्री डी आधारित गतिविधियां आदि की ट्रेनिंग मिलेगी।
वर्जन
जिले के कई स्कूलों में प्रशिक्षण शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए जल्द ही सभी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी।
- अशोक बधेल, जिला शिक्षा अधिकारी