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हड़ताल: फुटकर विक्रेताओं ने 50 फीसदी महंगे दामों पर बेचीं सब्जी

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-एक मुश्त मार्केट फीस वसूलने पर आढ़तियों ने की हड़ताल, थोक मंडी में पसरा रहा सन्नाटा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। जिले की मुख्य मंडियों में बुधवार को आढ़तियों की हड़ताल से सब्जियाें के दाम आसमान छूने लगे। आढ़तियों की एक दिन की हड़ताल का सीधा असर आम जनता की जेब पर पड़ा। हड़ताल का फायदा उठाते हुए फुटकर सब्जी विक्रेताओं ने सब्जियों के दाम 50 प्रतिशत तक बढ़ा दिए। सुबह सब्जी खरीदने मंडी पहुंचे छोटे दुकानदार और रेहड़ी पटरी वालों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
हड़ताल के चलते बुधवार को शहर की प्रमुख मंडी जैसे डबुआ सब्जी मंडी, ओल्ड फरीदाबाद सेक्टर-16 व बल्लभगढ़ मंडी आदि में सन्नाटा पसरा रहा। आढ़तियों ने अपनी एक मुश्त मार्केट फीस वसूलने की मांग को लेकर काम पूरी तरह ठप रखा। दूर-दराज क्षेत्रों से सब्जी खरीदने के लिए मंडी पहुंचे लोग इधर-उधर भटकते नजर आए। सब्जी खरीदारों को खाली हाथ लौटना पड़ा। आढ़तियों की हड़ताल की वजह से सबसे ज्यादा नुकसान मंडी में कार्यरत पल्लेदारों को हुआ। मंडी में पहुंचे आढ़तियों ने दुकानों के शटर बंद कर हड़ताल करते हुए एकजुट होकर रोष व्यक्त किया।
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ये रहे सब्जियों के दाम:
हड़ताल का फायदा उठाते हुए फुटकर दुकानदारों, रेहड़ी पटरी वालों ने अन्य दिनों के मुकाबले सब्जियां 50 प्रतिशत महंगे दामों पर बेचीं। जिसमें अन्य दिनों में 10 रुपये प्रतिकिलोग्राम के हिसाब से बिकने वाला आलू बुधवार को 15 रुपये प्रति किलोग्राम के हिसाब से बिका। अन्य सब्जियों के दाम भी इसी हिसाब से बढ़ गए।
सब्जी के दाम मंगलवार तक बुधवार काे

गोभी 20 30
आलू 10 15
प्याज 60 70
टमाटर 30 40
मटर 50 60
शिमला 40 50
हरी मिर्च 60 80
नीबू 100 120
गाजर 30 40
लहसून 250 300
अदरक 140 160
मूली 10 15
( दाम रुपये प्रति किलोग्राम में हैं)
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दिहाड़ी न मिलने से पल्लेदारों में छाई मायूसी
मंडी में आढ़तियों की हड़ताल का सबसे अधिक नुकसान मंडी में रोजाना दिहाड़ी पर काम करने वाले पल्लेदारों को झेलना पड़ा। काम न मिलने के कारण उनमें मायूसी का माहौल बना हुआ था। काम ढूंढने के लिए उन्हें मंडी के बाहर का रुख करना पड़ा। जबकि अधिकांश पल्लेदार काम की तलाश में दिनभर मंडी परिसर में ही बैठे दिखाई दिए। पल्लेदारों कहना था कि वह रोजाना की दिहाड़ी से ही घर चलाते हैं।
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मांगे पूरी नहीं की तो अनिश्चित कालीन हड़ताल
कांग्रेस सरकार ने जिस टैक्स को खत्म कर दिया था, वर्तमान सरकार ने कोरोना काल से फिर टैक्स लेना शुरू कर दिया। अब सरकार के एक मुश्त किस्त लेने से आढ़ती परेशान हैं। आढ़त व्यापार संघ ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगे पूरी नहीं की तो वह अनिश्चित कालीन हड़ताल पर बैठेंगे।
रोहतास शेखावत, प्रधान, डबुआ सब्जी मंडी आढ़त व्यापार संघ
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