नहर पार पानी की लाइन डालने के अधूरे कार्य का एस्टीमेट तैयार, 40 करोड़ होंगे खर्च
-बचे कार्य का ठेका जल्द होगा जारी, क्षेत्र में पानी की लाइन का नेटवर्क नहीं है बेहतर
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नगर निगम नहर पार (ग्रेटर फरीदाबाद) क्षेत्र में पीने के पाइप डालने के बचे कार्यों को सिरे चढ़ाने में जुट गया है। इसके लिए एस्टीमेट तैयार हो गया। इस पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। डीएनआईटी की मंजूरी के बाद टेंडर जारी होगा।
शहर में सीवर और पानी को बेहतर करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन (अमृत) के तहत पैसा साल 2018 दिया गया था। ग्रेटर फरीदाबाद क्षेत्र में पेयजल की पाइप लाइन डालने का ठेका केबीआर शिल्पा जेवी को मिला था। करीब 97 करोड़ से एजेंसी ने साल 2020 में काम को पूरा करना करना था, हालांकि बाद में इसे नवंबर 2022 तक बढ़ा दिया गया था।
एजेंसी ने बीच में ही काम बंद कर दिया था। निगम की कई नोटिस के बाद एजेंसी काम को लेकर गंभीर नहीं हुई। काम अधूरा होने से लोगों को पेयजल की समस्या उठानी पड़ रही है। इसे अमृत योजना के तहत पूरा कराया जाना है। इसके लिए एस्टीमेट बनाने का प्रस्ताव चंडीगढ़ करीब दो माह पहले भेजा गया था। विभाग ने कार्य का डीएनआईटी बनाकर नगर निगम को बृहस्पतिवार को भेज दिया है।
साथ ही कार्य पर कुछ कमेंट मांगा है ताकि कार्य को आगे बढ़ाया जा सके। बचे कार्य को कराने में करीब 40 करोड़ रुपये खर्च होगा। योजना के अनुसार सूर्या विहार, पल्ला, बसंत विहार समेत अन्य नहरपार के आधा दर्जन काॅलोनियां शामिल हैं। इन काॅलोनियों में पानी के लाइन डालने के बचे कार्याें को पूरा कराया जाना है। वहीं, कई जगहों पर पूरी लाइन डाली जानी है। नहर पार निगम की कॉलोनियों में पानी की सप्लाई बेहतर किया जाना है। इसमें कई कॉलोनियों को सरकार ने नियमित किया था। ऐसे में अभी इसमें सही तरीके से पानी सप्लाई की व्यवस्था नहीं है। इस कार्य को अमृत योजना के तहत बेहतर किया जाना है।
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गर्मी में होती है परेशानी
शहर में रेनीवेल के माध्यम से पानी की सप्लाई होती है। नहर पार के एरिया में रेनीवेल के पानी बूस्टरों तक पहुंचता है, इसके बाद पेयजल की सप्लाई होती है। नहर पास अभी पानी का पूरा नेटवर्क नहीं बना गया है। सेक्टरों व निजी डेवलपरों के यहां सुविधा बेहतर है लेकिन, निगम की कॉलोनियों समेत गांवों में समस्या है। ऐसे में निगम इस क्षेत्र में पानी के नेटवर्क को बेहतर करने में लगा है।
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अमृत योजना के तहत नहर पार के बचे कार्य के लिए डीएनआईटी बन गई है। इस पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। निगम का प्रयास है कि बचे कार्य को जल्द पूरा कराया जाए। - नितिन कादियान, कार्यकारी अभियंता नगर निगम