फरीदाबाद। चंडीगढ़ की तर्ज पर सड़क हादसों में कमी लाने के लिए राष्ट्रीय राजमार्ग-19 और पाली रोड पर ऑटोमैटिक स्पीडोमीटर कैमरे लगाने की योजना तैयार की गई है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत तय गति से अधिक तेज वाहन चलाने वालों पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जाएगी। कैमरे लगाने के लिए चार जगह चिह्नित की गई हैं। इस योजना पर करीब 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। कैमरे लगने के बाद यदि कोई चालक तय गति से अधिक वाहन दौड़ाता है तो उसका चालान घर पहुंच जाएगा।
राष्ट्रीय राजमार्ग सहित मुख्य सड़कों पर सड़क हादसे सबसे अधिक होते हैं। इनकी एक वजह तेज रफ्तार भी है। चालक कई बार बाइक और कार को काफी तेज गति से दौड़ाते हैं, जिससे वह न केवल अपनी बल्कि दूसरों की जान जोखिम में डाल देते हैं। ओवरस्पीड की वजह से कई बार वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है और वह डिवाइडर से टकरा जाते हैं। आए दिन राष्ट्रीय राजमार्ग, बाईपास, फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड पर सड़क किनारे ऐसे दुर्घटनाग्रस्त वाहन देखने को मिलते हैं। हालांकि यातायात पुलिस की ओर से तय गति सीमा से अधिक तेज वाहन चलाने वालों के चालान किए जाते हैं। इसके बावजूद दुर्घटनाओं पर कोई लगाम नहीं लग रही है। इसे देखते हुए स्मार्ट सिटी लिमिटेड ने चंडीगढ़-अंबाला, पानीपत की तर्ज पर शहर में मुख्य सड़कों पर ऑटोमैटिक स्पीडोमीटर कैमरे लगाने की तैयारी की है।
कंट्रोल सेंटर से होगी निगरानी
यातायात पुलिस की ओर से फरीदाबाद स्मार्ट सिटी लिमिटेड के अधिकारियों के पास चार लोकेशन भेजी गई हैं। इनमें पाली चौक, मेवला महाराजपुर चौक, कैली बाईपास और राष्ट्रीय राजमार्ग शामिल है। बाईपास और राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रवेश और निकासी पाइंट पर कैमरे लगाए जाएंगे। इन सभी कैमरों की निगरानी कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से की जाएगी।
सड़कों पर लगे करीब 1500 कैमरे
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत पूरे शहर में लगभग 1500 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर जल्द कैमरे लगाने शुरू कर दिए जाएंगे। फिलहाल सभी कैमरे काम कर रहे हैं और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के घर चालान भी भेजे जा रहे हैं। अब करीब 8200 ऑनलाइन चालान किए जा चुके हैं।