फरीदाबाद। कर्मचारी राज्य बीमा निगम के सेक्टर-16 स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में मातृत्व अवकाश घोटाला मामले में निगम की स्पेशल ऑडिट टीम पुराना रिकॉर्ड खंगाल रही है। टीम को अंदेशा है कि यह प्रकरण तीन वर्ष पुराना नहीं, बल्कि कई वर्ष पुराना हैं। निगम की स्पेशल ऑडिट टीम जल्द पुराने रिकॉर्ड की जांच शुरू करेगी। माना जा रहा है कि विशेष ऑडिट टीम पिछले नौ साल के रिकॉर्ड को जांच सकती है।
पिछले दिनों कर्मचारी राज्य बीमा निगम की ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि शहर में कई ऐसी महिलाएं हैं, जिनकी एक साल में चार से ज्यादा बार डिलीवरी के नाम पर घोटाला किया गया। मातृत्व अवकाश के नाम पर इन महिलाओं ने ईएसआईसी से करोड़ों रुपये का लाभ भी लिया। इस मामले में ठेकेदार और विभाग अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई। ईएसआई के एक अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ था कि निजी क्षेत्र में कार्यरत अनेक महिलाओं ने निगम की इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए खुद को एक साल में चार-चार बार गर्भवती दिखाया। कुछ महिलाओं ने 15 से 20 बार गर्भवती दिखाकर मातृत्व अवकाश का लाभ लिया।
कुछ विभाग अधिकारियों की मिलीभगत से यह सारा खेल चल रहा था। मामला खुलने के बाद निगम ने तुरंत प्रभाव से छह कर्मचारी और तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया था। साथ ही निगम ने स्पेशल जांच के लिए स्पेशल ऑडिट टीम गठित की। ईएसआई अधिकारी ने कहा कि मामला तीन साल पुराना नहीं लगता है। निगम को अंदेशा है कि यह मामला कई वर्ष पुराना है। इसलिए प्रकरण की तह तक जाने के लिए निगम ने नौ साल पुराना रिकॉर्ड खंगालने की तैयारी की गई। जल्द ही पुरानी फाइलों की जांच शुरू कर दी जाएगी। इसके अलावा इस मामले की जांच सीबीआई और ईएसआईसी के दिल्ली मुख्यालय की विजिलेंस को सौंपी गई है।
सेक्टर-27बी ब्रांच की फाइलों में घोटाले की हुई पुष्टि
स्पेशल ऑडिट टीम की पांच दिन पहले सेक्टर 27बी ब्रांच की आई रिपोर्ट में घोटाले की पुष्टि हुई। इस ऑडिट रिपोर्ट में ब्रांच के बैंक खाते से 1030 बार विभिन्न खाते में पेमेंट जारी की गई थी। रिपोर्ट में कई खाते ऐसे पाए गए है जिनमें मातृत्व अवकाश के नाम पर एक साल में 20 से 25 बार पेमेंट की गई। इस तरह कर्मचारियों ने ठेकेदारों के साथ मिलकर 4.98 करोड़ का घोटाला किया है। निगम जल्द ही जांच रिपोर्ट सीबीआई और विजिलेंस को सौंपेगा।
दो ठेकेदार की मिलीभगत आई सामने
स्पेशल ऑडिट रिपोर्ट में मैनपावर सप्लाई करने वाली ठेका कंपनियों की मिलीभगत सामने आई है। मैन पावर सप्लाई करने वाली हंसिका और शिवानी इंटरप्राइजेज कंपनियों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए है। इसकी रिपोर्ट सीबीआई और विजिलेंस को भेजी गई है।
कल पहुंचेगी सीबीआई
ईएसआईसी द्वारा घोटाले की जांच सीबीआई और विजिलेंस को सौंपे जाने के बाद सोमवार को सीबीआई टीम फरीदाबाद पहुंच सकती है। सीबीआई टीम के पहुंचने के संकेत से निगम में हड़कंप मचा हुआ है। सूत्रों का कहना है कि उच्च अधिकारियों से पूछताछ के बाद निलंबित कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया जा सकता है।
वर्जन
निगम की स्पेशल ऑडिट टीम ने नौ साल पुराने मरीजों का रिकॉर्ड जांचने की तैयारी है। पुराना रिकॉर्ड जांचने से मामले की तह तक जाने में अधिकारियों को मदद मिलेगी। जांच के बाद मामले में दोषी पाए जाने वाले ठेकेदार और कर्मचारियों पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
- डीके मिश्रा, आयुक्त, कर्मचारी राज्य बीमा निगम