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Faridabad News: मौत से जंग लड़ रहा बेटा, इलाज के लिए किया प्रबंधक का अपहरण

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घर में घुसकर लूटने की थी योजना, फरार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही पुलिस
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कैलाश गठवाल
फरीदाबाद। सेक्टर-62 निवासी बैंक मैनेजर सतीश के अपहरण मामले में दंपती की गिरफ्तारी के बाद क्राइम ब्रांच पुलिस एक फरार आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि दंपती का दो वर्ष का बेटा एक गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। डॉक्टर ने जब इलाज के लिए लाखों रुपयों की मांग की तो आर्थिक तंगी से जूझ रहे दंपती ने अपराध में उतरकर मकान मालिक के अपहरण की योजना बना डाली।
दंपती से पूछताछ में सामने आया कि करीब पांच माह पहले भूपेंद्र बैंक मैनेजर सतीश के घर किराये पर रहता था। भूपेंद्र की शादी करीब पांच साल पहले रिशिता के साथ हुई थी। दोनों का दो साल का बेटा है। जन्म के बाद से ही बेटा बीमार रहता है। उसके शरीर से खून कम हो जाता है। वह लगातार 48 घंटे तक जागता रहता है। इस अजीब बीमारी का इलाज ढूंढते-ढूंढते और अस्पतालों के चक्कर काटते-काटते भूपेंद्र लगभग कंगाल हो चुका है। वह गुरुग्राम स्थित बादशाह पुर गांव के एक पेट्रोल पंप पर छोटी सी नौकरी करता है। बेटे के इलाज के लिए गुरुग्राम के एक अस्पताल के डाॅक्टर ने करीब तीन से चार लाख रुपये का खर्च बताया था। पैसों के इंतजाम के लिए भूपेंद्र ने अपने दोस्त रविंद्र के साथ मिलकर लूट की योजना बना ली।
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टीवी सीरियल देखकर आया हथियार खरीदने का आइडिया
भूपेंद्र और उसके दोस्त रविंद्र ने पैसों के इंतजाम के लिए अपराध का रास्ता अपनाने का फैसला कर लिया था। इसे अंजाम तक पहुंचाने के लिए दोनों ने अपराध से जुड़े कुछ टीवी सीरियल देखे। यहां से इन्हें आइडिया आया कि लूट के लिए हथियार का होना जरूरी है। भूपेंद्र ने उधार के पैसों का इंतजाम किया और हथीन के उटावड़ से ढाई हजार रुपये में देसी कट्टा और पांच हजार रुपये में पिस्टल खरीद कर लाए। करीब तीन दिन तक आरोपी मैनेजर के घर की रेकी करते रहे। मौका देखते ही आरोपियों ने बैंक मैनेजर सतीश के घर पर धावा बोल दिया।
घर पर ही देना चाहते थे लूट को अंजाम
आरोपी भूपेंद्र और रविंद्र ने सतीश के घर को लूटने की योजना बनाई थी। आरोपी जानते थे कि दिल्ली के आईसीआईसीआई बैंक में प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। सतीश की पत्नी गृह मंत्रालय में वैज्ञानिक हैं और सतीश के पिता भी दिल्ली बिजली बोर्ड में अधिकारी हैं। ऐसे में चार से पांच लाख रुपये आराम से घर में ही मिल जाएगा। घर में दाखिल होते ही भूपेंद्र ने सतीश के ऊपर पिस्टल तान दी और सारे पैसे निकाल कर देने को कहा। सतीश के दोस्त अमित ने आरोपियों को पकड़ना चाहा तो इस पर अपहरणकर्ताओं ने अमित पर हथोड़े से वार कर दिया। सतीश की नाक पर तमंचे से हमला कर उन्हीं की गाड़ी में डालकर ले गए।
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मैनेजर को होटल में छोड़ बेटे के लिए दवा लेने चले गए
अपहरण के बाद आरोपी बैंक प्रबंधक को कोसी के पास एक होटल में ले गए। इसी बीच भूपेंद्र की पत्नी ने फोन कर बताया कि बेटे की तबीयत खराब हो गई है। भूपेंद्र ने पत्नी रिशिता को बेटे सहित कोसी बुला लिया। बैंक मैनेजर सतीश को होटल में रविंद्र के भरोसे छोड़कर भूपेंद्र और रिशिता दवा लेने चले गए। रात भर सभी एक ही होटल में ठहरे। सुबह सतीश ने अपने एटीएम से कुछ पैसे निकालकर आरोपियों को दिए। इन्हीं पैसों से कैब बुक कर आरोपी फिरौती की रकम लेने आ रहे थे। पहले से तैयार पुलिस टीम ने आरोपी दंपती को दबोच लिया। रविंद्र मौका देख पहले ही फरार हो गया था, उसकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
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