बल्लभगढ़। शहर की गर्ग कालोनी में एक युवक से पुरानी रंजिश के कारण उसके दोस्त ही कोरोना टीम के डॉक्टर बनकर उसका अपहरण करने पहुंच गए। युवक के घर पर नहीं मिलने से आरोपियों की योजना फेल हो गई। मामला पुलिस तक पहुंचा, मगर बाद में दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर मामले को निपटा दिया।
सूरजकुंड रोड स्थित एक निजी विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों में किसी बात को लेकर रंजिश चल रही है। बृहस्पतिवार को चार पांच विद्यार्थी खुद को कोरोना कर्मचारी बताकर एक युवक के घर पहुंच गए और परिजनों से उसे अपने साथ ले जाने की बात कहने लगे। गनीमत रही कि उस समय युवक घर पर नहीं था। दरअसल एक अन्य दोस्त ने पहले ही उसे सारे मामले की जानकारी दे दी थी। इसलिए युवक घर से निकल गया था। वापस घर आने पर युवक ने सारी बात परिजनों को बताई। इस पर पीड़ित युवक के परिजनों ने इसकी शिकायत आदर्श नगर थाने में की। थाना आदर्श नगर प्रभारी कैलाश चंद का कहना है कि सभी विद्यार्थी हैं। उनमें आपस में किसी बात को लेकर मनमुटाव हो गया। शिकायत मिलने पर सभी के परिजनों को बुला लिया गया। अभी आरोपों की जांच चल रही है किसी पक्ष ने कोई लिखित शिकायत नहीं दी है। दोनों पक्षों में आपसी समझौता हो गया है। हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है।