सोशल एक्टिविस्ट सुमेर सिंह नागर के बेटे नितिन नागर ने बताया कि उनके पिता ने वर्ष 1985 में 1600 गज का प्लॉट खरीदा था, जिसकी रजिस्ट्री भी उनके नाम पर है। इसके बावजूद गांव के ही रहने वाले कुछ लोग इस जमीन पर जबरन कब्जा जमाने की कोशिश कर रहे हैं। आरोप है कि गुरुवार की दोपहर को एक लाल रंग की कार में सवार छह से आठ नकाबपोश बदमाशों ने उनके घर पर आकर हमला बोल दिया। उस दौरान उनके पिता के साथ एक मजदूर घर पर मौजूद था।
आरोपियों ने उनके पिता के ऊपर लाठी-डंडों और हथौड़े से हमला करना शुरू कर दिया। जिसे देखकर मजदूर मौके से डर कर भाग गया। हादसे में उनके पिता सुमेर सिंह नागर के पैर पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए। यह पूरी घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इस दौरान आरोपियों ने दहशत बनाने के लिए हवाई फायरिंग भी की है।
सुमेर सिंह को उपचार के लिए बीके अस्पताल में भर्ती करवाया गया। परिजनों ने तुरंत डायल 112 और पुलिस को सूचना दी। पुलिस प्रवक्ता यशपाल का कहना है कि इस घटना की सूचना पुलिस को मिल चुकी है। अभी घायल का उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है।