नई सुविधाओं के जुड़ने से लोगों का पार्कों में समय बिताने का अनुभव बेहतर होगा और सामाजिक जुड़ाव भी बढ़ेगा
अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। शहर के पार्क अब सिर्फ टहलने या बैठने की जगह भर नहीं रहेंगे बल्कि परिवारों के लिए एक सक्रिय और मनोरंजक सार्वजनिक स्पेस के रूप में विकसित किए जा रहे हैं। इसी दिशा में नगर निगम ने वार्ड-24 के पार्कों में नई सुविधाएं जोड़ने की योजना शुरू की है। आने वाले महीनों में यहां स्मार्ट झूले और खुले में खेले जाने वाले चेस व लूडो जैसे खेलों की व्यवस्था देखने को मिलेगी।
इस पहल का सीधा असर स्थानीय लोगों के रोजमर्रा के जीवन पर पड़ेगा। अभी तक अधिकांश पार्कों में सीमित सुविधाएं होने के कारण बच्चों और बुजुर्गों के पास ज्यादा विकल्प नहीं होते थे। लेकिन नई व्यवस्था के बाद जहां बच्चे आधुनिक और सुरक्षित झूलों का आनंद ले सकेंगे वहीं बुजुर्ग और युवा वर्ग खुले माहौल में बैठकर चेस और लूडो जैसे खेल खेल सकेंगे।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार यह कदम पार्कों को ज्यादा जीवंत बनाने के लिए उठाया गया है। अक्सर देखा जाता है कि शाम के समय पार्कों में लोगों की भीड़ तो होती है लेकिन गतिविधियों की कमी के कारण लोग ज्यादा देर रुक नहीं पाते। नई सुविधाओं के जुड़ने से लोगों का पार्कों में समय बिताने का अनुभव बेहतर होगा और सामाजिक जुड़ाव भी बढ़ेगा।
बुजुर्गों और बच्चों दोनों पर फोकस
इस योजना की खास बात यह है कि इसमें हर उम्र के लोगों को ध्यान में रखा गया है। जहां बच्चों के लिए स्मार्ट झूले आकर्षण का केंद्र होंगे वहीं बुजुर्गों के लिए चेस और लूडो टेबल एक नया विकल्प बनेंगे। इससे न केवल उनका समय बेहतर तरीके से बीतेगा, बल्कि मानसिक सक्रियता भी बनी रहेगी।
पार्क बनेंगे सामाजिक मेलजोल के केंद्र
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की सुविधाएं केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि समाज में आपसी संवाद को भी बढ़ावा देती हैं। जब लोग एक ही जगह पर बैठकर खेलते और समय बिताते हैं, तो आपसी संबंध मजबूत होते हैं और समुदाय में सकारात्मक माहौल बनता है। वार्ड-24 के पार्कों में यह बदलाव इसी दिशा में एक प्रयास माना जा रहा है।
चार महीने में दिखेगा असर
नगर निगम ने इस पूरी योजना को तय समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का कहना है कि काम शुरू होने के बाद कुछ ही महीनों में पार्कों का स्वरूप बदलता नजर आएगा। इससे स्थानीय निवासियों को ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें अपने ही इलाके में बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि यह पहल आगे अन्य वार्डों में भी लागू होगी, जिससे पूरे शहर के पार्कों की तस्वीर बदलेगी। अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो फरीदाबाद के पार्क आने वाले समय में सिर्फ हरियाली ही नहीं बल्कि सक्रिय सामाजिक जीवन का भी केंद्र बन सकते हैं। निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा का कहना है कि पार्कों में हरियाली बढ़ाने के साथ सुविधाएं बढ़ाने पर भी तेजी से काम किया जा रहा है।