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Faridabad News: बूचड़खानों के खिलाफ महापंचायत ने भरी हुंकार, अब बर्दाश्त नहीं

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- नई अनाजमंडी में हुआ आयोजन, क्षेत्र के विधायकों सहित सामाजिक संगठनों ने लिया भाग
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संवाद न्यूज एजेंसी,
नूंह। जिले में चल रहे बूचड़खानों के खिलाफ अब लोग लामबंद होने लगे हैं। इसे लेकर नई अनाजमंडी नूंह में एक महापंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें कांग्रेस के चार विधायकों सहित इनेलो नेताओं व सामाजिक संगठनों के हजारों लोगों ने भाग लिया। सभी ने एकजुट होकर बूचड़खानों का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री ने नाम एक ज्ञापन सौंपा। वहीं कांग्रेस विधायकों ने इस मामले को विधानसभा में उठाने व लंबी लड़ाई लड़ने का आश्वासन दिया।
पंचायत में किसान नेता सुरेश कौथ भी पहुंचे और उन्होंने भी मेवात के लोगों का इस संघर्ष में साथ देने की बात कही। महापंचायत का आयोजन सरपंच एसोसिएशन के प्रधान रफीक हथौड़ी द्वारा कराया गया। पंचायत को संबोधित करते हुए पूर्वमंत्री एवं विधायक आफताब अहमद ने कहा मेवात को यूपी से पलायन किए हुए बूचड़खानों की नहीं बल्कि शिक्षा के लिए विश्वविद्यालय व रोजगार के लिए उद्योग धंधे चाहिए। इन बूचड़खानों को यूपी से भगाया जा रहा है और जानबूझकर मेवात लाया जा रहा है, इससे न केवल यहां का पर्यावरण दूषित हो रहा है, बल्कि लोगों में बीमारियां फैल रही हैं। प्रशासन की अनदेखी के कारण बूचड़खानों में तमाम नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं और वेस्ट को बाहर खुले में फेंका जा रहा है, जिसके कारण बीमारी फैल रही है। हम इन बूचड़खानों को बंद करने के लिए न केवल विधानसभा में आवाज उठाएंगे बल्कि इसके लिए हर संभव संघर्ष करेंगे। पूर्वमंत्री एवं पुन्हाना से विधायक मोहम्मद इलियास, पूर्व डिप्टी स्पीकर आजाद मोहम्मद, इनेलो प्रत्याशी रहे हवीब हवन नगर, ताहिर हुसैन नूंह, अमन अहमद ने भी सरकार पर कोई सुनवाई न करने का आरोप लगाया।
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खुले में फेंके जा रहे अवशेष
महापंचायत में बूचड़खाना मालिकों पर आरोप लगाया कि ये लोग अवशेषों को ट्रैक्टर-ट्राली के जरिये खुले में फेंक रहे हैं। जिससे कई किलोमीटर तक बदबू बनी हुई है। मेवात में खुले ऐसे 7 बूचड़खानों ने लोगों को जीना दूभर किया हुआ है। अभी ऐसे और बूचड़खाने खोले जाने की योजना है। ऐसे में मेवात पूरी तरह तबाह हो जाएगा। इससे जमीन भी खराब हो रही है साथ ही जमीन के नीचे का पानी भी दूषित किया जा रह है।
नियम ताक पर
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि ये बूचड़खाने नियमों का पालन भी नहीं कर रहे हैं, प्रशासन इनसे मिला हुआ है। पर्यावरण के साथ यह बड़ा खिलवाड़ है। चिमनियों से उठता हुआ धुंआ व अवशेषों से फैली हुई बदबू के अलावा यहां कर्मचारियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री से की है बात
फिरोजपुर झिरका के विधायक मामन खान ने कहा वो इस मुद्दे को लेकर स्वयं मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिले हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है आगे से कोई एनओसी फिरोजपुर झिरका विधानसभा में बूचड़खाने की नहीं दी जाएगी साथ ही उन्होंने मुख्य सचिव व अपने पीए को भी इस मुद्दे का विशेष ध्यान रखने के लिए कहा है। मामन खान ने बताया तीन दिन पहले भी वो अतिरिक्त प्रधान सचिव व प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष से यहां फैल रही गंदगी व बूचड़खानों को लेकर मिले हैं, उन्होंने उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया है।
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भाजपा ने बनाई दूरी : इस महापंचायत से भाजपा नेताओं ने दूरी बनाकर रखी। केवल पूर्व डिप्टी स्पीकर आजाद मोहम्मद इसमें पहुंचे और जनता का साथ देने व बूचड़खानों के विरोध में संघर्ष करने का आश्वासन दिया। भाजपा का और कोई बड़ा नेता इस महापंचायत में नहीं पहुंचा।
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