संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। हनीट्रैप गैंग के खिलाफ दर्ज अवैध वसूली की जांच एसआईटी करेगी। गैंग के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने वाला शिकायतकर्ता और एनजीओ संचालिका ने शनिवार को सीपी ओपी नरवाल से मुलाकात की। उसके बाद सीपी के निर्देश पर केस की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है।
पुलिस को बिल्डर धीरज ने शिकायत देकर बताया था कि एक महिला व उनके पुराने साथी मुकेश नरवत ने एक अन्य साथी के साथ मिलकर उनके खिलाफ 12 जुलाई 2023 को महिला थाना सेंट्रल में रेप की एफआईआर दर्ज करवाई थी। पुलिस ने 26 जुलाई 2023 को अरेस्ट करने के बाद धीरज को जेल भेज दिया था। आरोप अनुसार थाना परिसर में मुकेश नरवत ने केस रफा-दफा कराने के बदले में 50 लाख रुपये मांगे गए थे। धीरज के जेल जाने के बाद 30 जुलाई 2023 को 33 लाख रुपये लेकर 31 जुलाई 2023 को मुकेश नरवत ने रेप की एफआईआर दर्ज कराने वाली महिला से एफिडेविट साइन कराकर दे दिया कि उसके साथ रेप नहीं हुआ हैं।
पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से 17 नवंबर 2023 को जमानत मिलने के बाद धीरज ने आरोपियों पर कार्रवाई का मन बनाया। तो गुरुवार को सेक्टर-17 थाना में साजिश के तहत अवैध वसूली की धारा में मुकेश नरवत, मोंटी चंदीला और रेप की शिकायत दर्ज कराने वाली युवती पर मुकदमा दर्ज हुआ। शनिवार को मुकदमा दर्ज कराने वाला शिकायतकर्ता धीरज और एनजीओ संचालिका दीपिका ने सीपी ओपी नरवाल से मुलाकात कर मामले से अवगत करवाया। जिसके बाद सीपी ने निर्देश देकर केस की जांच के लिए एसआईटी गठित कर दी। जो एसआईटी टीम एसीपी ओल्ड विष्णु प्रसाद की अगुवाई में जांच करेगी। जिस टीम में सेक्टर-17 थाने के एसएचओ, दो महिला पुलिसकर्मी और एक पुरुष पुलिसकर्मी को शामिल किया गया है।