मास्टर ड्रेनेज योजना के तहत करीब 5,600 घन मीटर गाद निकालने का लक्ष्य
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अमर उजाला ब्यूरो
फरीदाबाद। नीलम चौक से एसी नगर और रेलवे लाइन से सटे इलाके के लोगों को जलभराव की समस्या से राहत दिलाने के लिए एसी नगर नाले की व्यापक सफाई शुरू हो गई है। लंबे समय से नाले की समुचित सफाई नहीं होने के कारण इसमें बड़ी मात्रा में गाद और मिट्टी जमा है। फरीदाबाद महानगर विकास प्राधिकरण (एफएमडीए) ने अब मास्टर ड्रेनेज योजना के तहत करीब 5,600 घन मीटर गाद निकालने का लक्ष्य रखा है। काम 60 दिन में पूरा किया जाएगा और बंद हिस्सों की सफाई के लिए सुपर सकर व जेटिंग मशीनों का इस्तेमाल होगा।
स्थानीय लोगों और जानकारों के अनुसार एसी नगर नाले की लंबे समय से नियमित और बड़े स्तर पर सफाई नहीं हुई है। नाले में लगातार गाद, मिट्टी और कचरा जमा होने से इसकी जलनिकासी क्षमता प्रभावित हो रही थी। जानकारों के अनुसार पहली बार इस नाले की इतने बड़े स्तर पर डीसिल्टिंग की जा रही है। नाले की सफाई नहीं होने का असर बारिश के दौरान सबसे ज्यादा दिखाई देता है। नीलम चौक, एसी नगर और रेलवे लाइन से सटे इलाकों में पानी की निकासी प्रभावित होने से जलभराव की स्थिति बनती है। स्थानीय लोगों के लिए समस्या इसलिए भी गंभीर है क्योंकि कई स्थानों पर नाला आबादी और प्रमुख सड़कों के बिल्कुल नजदीक से गुजरता है।
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कुछ दिन पहले सफाई के दौरान नाले में गिर गई थी जेसीबी
नाले की खराब स्थिति का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि जून माह में सफाई के दौरान एक जेसीबी मशीन और ट्रैक्टर नाले में गिर गए थे। सफाई के दौरान मिट्टी और गाद हटाने के काम में लगी मशीनें नाले के भीतर धंस गईं। घटना में जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन इससे नाले की गहराई, किनारों की स्थिति और लंबे समय से जमा गाद की स्थिति सामने आई। इस घटना के बाद नाले की सफाई को लेकर मशीनों के सुरक्षित इस्तेमाल और सुरक्षा इंतजामों पर भी ध्यान देने की जरूरत सामने आई। अब प्रस्तावित सफाई में प्रशिक्षित श्रमिकों और पर्यवेक्षकों के साथ सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल किया जाएगा।
सुपर सकर और जेटिंग मशीन से साफ होंगे बंद हिस्से
एफएमडीए की मास्टर ड्रेनेज योजना के तहत नाले की सामान्य सफाई के साथ उन हिस्सों पर भी काम किया जाएगा, जहां बॉक्स टाइप नाला पूरी तरह या आंशिक रूप से जाम है। इन हिस्सों में हाई पावर सुपर सकर और जेटिंग मशीन का इस्तेमाल किया जाएगा। सुपर सकर मशीन से गाद और स्लज को खींचकर बाहर निकाला जाएगा, जबकि जेटिंग मशीन के दबाव से जमे हुए कचरे और अवरोध को हटाने में मदद मिलेगी। परियोजना के अनुसार निकाली गई गाद को पांच से दस किलोमीटर दूर निर्धारित स्थान तक ले जाकर निस्तारित किया जाएगा।
एसी नगर नाले की लंबे समय से सफाई नहीं हुई थी, जिसके कारण इसमें काफी मात्रा में गाद और कचरा जमा हो गया था। मास्टर ड्रेनेज योजना के तहत गाद निकालने का काम शुरू किया गया है। 60 दिन में सफाई पूरी करने का लक्ष्य है। बंद हिस्सों की सफाई आधुनिक मशीनों से की जाएगी।- ओमदत्त, कार्यकारी अभियंता, एफएमडीए