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Faridabad News: थानेदार बनने के बाद ही विवादों में आने लगे एसआई राजेश

Mon, 24 Jul 2023 11:11 PM IST
नोएडा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फरीदाबाद
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पांच मामलों में से तीन मामलों में है नामजद
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कैलाश गठवाल
फरीदाबाद। साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद हुई शैकुल की मौत का मामला कोई पहला नहीं है, जिसमें एसआई राजेश का नाम आया हो। राजेश का विवादों से नाता उनके थानेदार बनने के बाद से ही शुरू हो गया था।
करीब 12 साल पहले साल 2012 में राजेश एनआईटी तीन चौकी में बतौर थानेदार के पद पर तैनात था। मस्जिद चौक पर राजेश ने एक युवक की बाइक का चालान काट दिया था। आरोप लगे कि युवक के परिवार के लोग बाइक लेने आए तो थानेदार में बदसलूकी की थी। परिवार के लोगों ने घर जाकर युवक की डांट लगाई और आपबीती सुनाई। इस घटना के बाद युवक ने आत्महत्या कर ली। विभाग ने राजेश के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न करते हुए केवल चेतावनी में ही मामले को रफा दफा कर दिया। संवाद
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नूंह थाने में 12 के खिलाफ दर्ज हुआ था हत्या का मामला
15 जून साल 2021 में नूंह थाने में साइबर थाना एनआईटी टीम के 12 लोगों के खिलाफ हत्या सहित कई धाराओं में केस दर्ज किया था। मृतक युवक जुनैद (24) के परिजनों का आरोप था कि पुलिस हिरासत में उन्हें बुरी तरह से पीटा गया, जिससे उनकी जान चली गई थी। जुनैद की मां खतीजा की शिकायत के बाद फरीदाबाद जिले के बिछोर थाने में केस दर्ज किया गया था। केस में एनआईटी साइबर थाना से एसआई राजेश, सुरजीत, हवलदार नरेश, दलबीर, एएसआई नरेंद्र, जावेद सहित अन्य के नाम हैं। पुलिस का दावा हैं कि जुनैद किडनी की बीमारी से पीड़ित था।

सुसाइड नोट में पुलिसकर्मी का नाम लिखकर फंदे से लटकी थी युवती
दिसंबर 2020 में गुरुग्राम के राजेंद्रापार्क थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने के केस दर्ज किया गया था। मृतका ने अपने सुसाइड नोट में पुलिस टीम के नाम लिखे थे। मृतका आशा के जीजा संदीप ने बताया उसके साले शंकर की तलाश में 12 पुलिसकर्मी आए थे। चार पुलिस कर्मी रात भर घर के अंदर मौजूद रहे थे। शंकर के घर पर न मिलने के कारण पुलिसकर्मियों ने शंकर की पत्नी नैनतारा व बहन आशा को पीटना शुरू कर दिया था। इसके बाद साइबर थाना लाकर बुरी तरह पीटा। घर आकर आशा ने फंदा लगा लिया था।
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साइबर सेल में पूछताछ के दौरान हुई थी संदिग्ध मौत
जुलाई 2019 में धोखाधड़ी के मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिए गए एक युवक की साइबर सेल में संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने हिरासत के दौरान युवक को इस कदर पीटा की उसकी मौत हो गई। मूलरूप से कोलकाता निवासी संजय रॉय टूर-ट्रैवल्स का काम करता था और परिवार समेत फरीदाबाद सेक्टर-22 में रहता था। संजय की पत्नी वर्षा के अनुसार 9 जुलाई 2019 को साइबर सेल से पुलिस टीम उनके घर आई थी। वर्षा का आरोप था पुलिस ने तलाशी के नाम पर पूरे घर में तोड़फोड़ की और घर में रखे पांच लाख रुपये लेकर चले गए। रात करीब 9 बजे वर्षा के पास पुलिसकर्मी का फोन आया कि संजय की तबीयत खराब है वह बीके अस्पताल में आ जाएं। वर्षा और परिवार के अन्य लोग वहां पहुंचे तो पता चला संजय को पुलिसकर्मी अस्पताल में मृत अवस्था में लाए थे। मामले की न्यायिक जांच चल रही है।
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