अपराध शाखा के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार दो अन्य शूटरों के नाम पर्वतीय कॉलोनी निवासी गौरव और जवाहर कॉलोनी निवासी आदी हैं। तीनों आरोपी दोस्त हैं। तीनों ही कुछ समय से नीरज फरीदपुरिया गैंग से जुड़े हैं।
पुलिस की अब तक की जांच में पता चला कि 16 अगस्त को गौरव व आदी ने रेकी के लिए अपने एक दोस्त की बाइक बहाने से मांगी। बाइक पर सवार होकर दोनों गुरुग्राम में एल्विश यादव के घर के आस-पास रेकी करके वापस फरीदाबाद लौटे। यहां आकर इन्होंने ये बाइक दोस्त को वापस कर दी। इसके बाद 17 अगस्त की अल-सुबह गौरव, आदी और ईशांत उर्फ हिमांशु गांधी बाइक पर सवार होकर गुरुग्राम गए और एल्विश के घर 24 गोलियां चलाकर वहां से भाग गए।
रेकी वाली बाइक के जरिये शूटरों का लगा सुराग
पुलिस के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो 17 अगस्त की सुबह हुई ताबड़-तोड़ फायरिंग में 24 गोलियां चलाए जाने से सब हैरत में थे। वारदात करने वाले शूटर सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में भी दिखाई दिए। पुलिस ने फुटेज के जरिये ही जांच शुरू की।
अपराध शाखा को शक था कि आरोपियों ने वारदात से पहले रेकी भी जरूर की होगी। इसके चलते पुलिस टीम ने 16 अगस्त की पूरे दिन की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज चेक की। इस दौरान एक बाइक पर सवार दो युवक पुलिस को संदिग्ध दिखे।
इस बाइक के नंबर के जरिये पुलिस टीम फरीदाबाद की पर्वतीय कॉलोनी में एक युवक के घर पहुंची। बाइक पुलिस को घर में ही खड़ी मिली। बाइक मालिक युवक ने बताया कि उसके दोस्त गौरव व आदी बाइक लेकर गए थे। तब पुलिस को आरोपियों के बारे में पता चला। फिर शुक्रवार सुबह मुठभेड़ के बाद एक को काबू कर लिया गया जबकि दो अन्य की तलाश जारी है।