बल्लभगढ़ (संदीप पाराशर) इतिहास की यादों को समेटे हुए शहीद राजा नाहर सिंह पार्क इन दिनों जर्जर अवस्था में है। जबकि इस पार्क के अंदर सन् 1857 के संग्राम में शहीद हुए लोगों की याद में एक शहीद स्मारक बना हुआ है। वहीं इस पार्क में यहां की तमाम कॉलोनियों के अलावा आसपास के लोग भ्रमण के लिए पहुंचते हैं। यह पार्क करीब तीन एकड़ में फैला हुआ है। वर्तमान में आलम यह है कि अगर यहां कोई पार्क में बने ट्रैक पर घूमने आ जाएं तो जर्जर हुए ट्रैक पर चलने व दौड़ने मात्र से उसके पैर में मोच आना एक आम बात है। ऐसे में अब इस पार्क में लोग घूमने से परहेज करने लगे हैं। इसके अलावा पार्क में गंदगी का आलम है। यह पार्क शहर में आबादी के बीच में है। संवाद
लावारिस पशुओं का रहता है भय
पार्क की दीवारें टूटी होने से इसके अंदर लावारिस पशु घुस आते हैं। जो यहां घूमने पहुंचे लोगों के पीछे लग जाते हैं। इससे कई बार परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसी कारण से पार्क में लोगों की संख्या में कमी आई हैं।
- राखी चौहान, भाटिया कॉलोनी
बुजुर्गों को होती है परेशानी
इस पार्क में घूमने के लिए बनाएं गए ट्रैक पर बुर्जर्गों के लिए टहलना बहुत मुश्किल भरा कार्य है। कई बार संतुलन बिगड़ जाने के कारण बुजुर्ग गिर जाते हैं और चोट लग जाती है।
- मदनलाल अरोड़ा, जगदीश कॉलोनी
पार्क में रहती है गंदगी:
जब मैं सुबह घूमने जाता हूं तो पार्क में गंदगी रहती है। जिसकी यहां तैनात कर्मचारियों से शिकायत की गई है। वह गंदगी उठाने के लिए तो कहते हैं, लेकिन अगले दिन गंदगी कम की जगह अधिक हो जाती है।
- बृजमोहन वशिष्ठ, चावला कालोनी
टूटी हुई है छतरी
पार्क में लोगों के आराम के लिए बनाएं गई छतरियों के नीचे बैठना बहुत मुश्किल है। क्योंकि पार्क में जहां कुर्सियां बिछाई हुई हैं, उसके नीचे उबड-खाबड़ जगह है। जहां इन कुर्सियों में उठते-बैठते पैर फिसलने का भय रहता है। वहीं लोगों के बैठने के लिए बनाया जा रहा एक स्थान का कार्य अधर में ही छोड़ा हुआ है।
- प्रदीप गुप्ता, गुप्ता होटल बल्लभगढ़
निगम को ध्यान देना चाहिए
इस पार्क का इतिहास काफी प्राचीन है। पार्क करीब तीन एकड़ भूमि पर बना हुआ है। जिसके रखरखाव का कार्य नगर निगम को सौंपा हुआ है। वहीं इसकी देख-रेख करता है। निगम अधिकारियों को पार्क की वर्तमान दुर्दशा पर ध्यान देना चाहिए।
- सुनील तेवतिया, वंशज राजा नाहरसिंह
सुधार पर होगा कार्य
पार्क की समस्या मेरी जानकारी में है, जिसको जल्द ही निपटाने का प्रयास किया जा रहा है। इस पर निगम जल्द ही काम शुरू करने वाला है।
- नवदीप, संयुक्त आयुक्त नगर निगम बल्लभगढ़
ये है पार्क का इतिहास
राजा नाहर सिंह महल हरियाणा के फरीदाबाद जिले में बल्लभगढ़ में स्थित है। यह किला सन् 1739 के आसपास जाट राजा नहर सिंह के पूर्वजों द्वारा बनाया गया था। इसके बाद बल्लभगढ़ का नाम रखा गया था। यहां बनाया हुआ किला अब राजा नाहर सिंह पैलेस के रूप में भी जाना जाता है। इसी किले के समाने यह पार्क बना हुआ है। राजा नाहर सिंह (1823-1858) हरियाणा के फरीदाबाद जिले में बल्लभगढ़ की रियासत के एक जाट राजा थे। उनके पूर्वज तेवतिया गोत्र के जाट थे, जिन्होंने 1739 के आसपास फरीदाबाद में एक किले का निर्माण किया था। राजा नाहर सिंह 1857 के भारतीय विद्रोह में शामिल थे। शहीद राजा नाहर सिंह के नाम पर ही यहां मेट्रो स्टेशन भी है। (संवाद)