फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अफगान की शहाला महात्मा गांधी से प्रभावित और पीएम मोदी की हैं मुरीद

विज्ञापन
शहाला के स्टॉल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के प्रधानमंत्री मोहम्मद अरशद गनी की - फोटो : Faridabad
विज्ञापन
फरीदाबाद। तालिबान के डर से छिप-छिप कर स्कूल जाने वाली शहाला सादत आज जहां अफगानी महिलाओं की आवाज बन रही हैं, वहीं खास ये है कि महात्मा गांधी के विचारों और आदर्शों से पूरी तरह प्रभावित हैं। यही नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी मुरीद हैं। मेले में उन्होंने खुद की बनाई हुई ज्वेलरी का स्टॉल लगाया है।
विज्ञापन

अफगानिस्तान के बामियान शहर की रहने वाली शहाला ने ऐसी 200 से अधिक महिलाओं को रोजगार दिया है और समानता और आजादी के लिए आज भी जूझ रहीं हैं। तालिबानी आतंक के बावजूद उन्होंने वहां ज्वेलरी और हैंडलूम कंपनी खोली और आज देश विदेश में उनके काम की तारीफ हो रही है। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय मेले में पहली बार शिरकत करने आई शहाला की स्टॉल पर मौजूद सामान काफी पसंद किया जा रहा है।
शहाला ने बताया कि तालिबान के खौफ के कारण अफगानी महिलाओं को पढ़ने की आजादी नहीं थी। ऐसे में वे अपने कपड़ों में बैग छिपाकर स्कूल जाती थीं। वर्ष 2017 में काबुल की हयात यूनिवर्सिटी से जनसंचार एवं पत्रकारिता में स्नातक तक शिक्षा ग्रहण करने के बाद वह उच्च शिक्षा के लिए चीन चली गई। वहां एक साल तक आभूषण और कीमती पत्थरों की पढ़ाई की और फिर वापस अपने देश आकर इसी विधा में कारोबार शुरू कर दिया। शहाला सादत ने बताया कि उन्होंने पहले यहां आकर महिलाओं को ज्वेलरी और हैंडीक्राफ्ट का काम सिखाया। आज उनके पास दो सौ से अधिक महिलाएं काम कर रही हैं, मगर उन्हें घर से बाहर निकलने की आजादी नहीं है। ऐसे में वे अपने घर से ही काम करती हैं।
विज्ञापन

शहाला कहतीं हैं कि यहां उनके साथ उनकी सहेली आरा जान भी आई हैं। आरा कहती हैं कि वे काबुल में मेकअप आर्टिस्ट थीं, मगर तालिबानियों ने उनके पार्लर पर बम फेंक कर उसे उड़ा दिया था। इसके बाद उन्होंने वह काम छोड़ दिया और शहाला के साथ जुड़ गई।
महात्मा गांधी से हैं प्रभावित
शहाला राष्ट्रपिता महात्मा गांधी से काफी प्रभावित हैं। उनके स्टॉल पर महात्मा गांधी की कई पेंटिंग रखी हैं। जब उनसे महात्मा गांधी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि गांधी एक महान व्यक्तित्व थे, जिन्होंने हर जन की समानता के लिए लड़ाई लड़ी थी। वे भी उनसे प्रभावित होकर ही महिलाओं की समानता और आजादी की आवाज बुलंद कर रही हैं। इसके अलावा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जादू भी अफगानिस्तान के लोगों पर सिर चढ़कर बोल रहा है। शहाला के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफगानिस्तान को वापस बसाने में काफी मदद की है। इस कारण वहां के लोग उनके मुरीद हो गए हैं। उनके स्टॉल पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अफगानिस्तान के प्रधानमंत्री मोहम्मद अशरफ गनी की हाथ मिलाते हुए पेंटिंग लोगों को काफी पसंद आ रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें