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Faridabad News: सीवर-पानी के 50 हजार रुपये तक के बकायेदारों का कटेगा कनेक्शन

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अमर उजाला ब्यूरो
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फरीदाबाद। नगर निगम, सीवर-पानी के 50 हजार रुपये तक के बकायेदारों पर बड़े स्तर पर कार्रवाई करने जा रहा है। ऐसे लोगों को निगम जल्द ही नोटिस जारी करेगा। इसके बाद कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जाएगी।
नगर निगम, प्रॉपर्टी टैक्स के साथ सीवर-पानी की वसूली पर जोर देने जा रहा है। इसके लिए हाल में तत्कालीन निगम आयुक्त ने इंजीनियरिंग विभाग के साथ बैठक की थी। इसमें सीवर-पानी के बिल वसूली पर चर्चा हुई थी। इसमें उन्होंने पिछले साल हुई वसूली पर चिंता जताई थी और इस साल इस पर तेजी से करने को कहा था। बैठक में बताया गया कि इस वित्तीय वर्ष में सीवर-पानी से करीब दस करोड़ की वसूली हुई है। इस पर निगम आयुक्त ने कहा कि 50 हजार से ज्यादा बिल वालों को नोटिस भेजकर तुरंत पैसे का भुगतान करने को कहा जाए। ऐसा नहीं करने पर सीवर-पानी के कनेक्शन काट दिए जाएं। इसके लिए जोनवार ऐसे लोगों की सूची बनाने को कहा गया है। इसके अलावा अवैध कनेक्शनों को काटने को भी कहा गया है। आयुक्त ने इस कार्य में तेजी लाने को कहा है। नगर निगम के एसई ओमबीर सिंह ने कहा कि इसे लेकर कार्रवाई चल रही है। सीवर-पानी के कनेक्शनों को नियमित करने के साथ बड़े बकायेदारों पर कार्रवाई की जाएगी।
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प्रॉपर्टी आईडी और सीवर-पानी के कनेक्शनों में भारी अंतर
नगर निगम क्षेत्र में करीब छह लाख प्रॉपर्टी आईडी हैं। वहीं सीवर-पानी के करीब 1.5 लाख कनेक्शन हैं। ऐसे में काफी संख्या में अवैध कनेक्शन हैं। हालांकि पिछले साल नगर निगम ने अभियान चलाकर अवैध पानी-सीवन के कनेक्शनों को नियमित कराया था। ऐसे में निगम का प्रयास है कि कार्यकारी अभियंता नोटिस देने के साथ सीवर-पानी के अवैध कनेक्शनों पर कार्रवाई करें। इसके लिए 50 हजार से ऊपर के बकायेदारों की सूची तैयार की जा रही है। निगम क्षेत्र में कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने लंबे समय से पानी-सीवर का बिल जमा नहीं कराया है। वहीं, चार मंजिला भवनों में लोगों ने अलग-अलग प्रॉपर्टी आईडी बनवाई है लेकिन, सीवर और पानी का कनेक्शन एक ही ले रखा है। इससे नगर निगम को राजस्व का नुकसान हो रहा है। निगम की ऐसे कनेक्शनों पर नजर है। इसके लिए एसडीओ को अपने क्षेत्र में ऐसे भवनों की रिपोर्ट देने को कहा गया है। बता दें कि नगर निगम राजस्व वसूली पर जोर दे रहा है ताकि शहर के विकास कार्य प्रभावित नहीं हों। कई बार पैसे के अभाव में काम प्रभावित होता है। ऐसे में सीवर-पानी के साथ प्रॉपर्टी टैक्स वसूली पर जोर है। प्रॉपर्टी आईडी में त्रुटि होने से वसूली प्रभावित हो रही है।
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