निरीक्षण के दौरान ओपीडी में डॉक्टर और पीएमओ के उपस्थित न मिलने पर मांगा स्पष्टीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। बीके अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की उप निदेशक डॉ. सविता यादव ने सोमवार को निरीक्षण कर जायजा लिया। इस दौरान उन्हें अस्पताल में कई समस्याएं देखने को मिली। निरीक्षण के दौरान इमरजेंसी में गंदगी, गंदे पंखे, दीवारों पर जाले और गंदे डस्टबिन देखकर डॉ. सविता यादव ने मैट्रन को फटकार लगाई। उन्होंने इमरजेंसी में स्थित महिला शौचालय का भी निरीक्षण किया। जिसके बाद डॉ. सविता असंतुष्ट दिखी।
डॉ. सविता यादव ने इमरजेंसी के बाद ओपीडी का निरीक्षण किया। उन्होंने मरीजों से बातचीत कर उनका हाल जाना और मरीजों के उपचार का इतिहास देखा। ओपीडी के निरीक्षण के दौरान त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. रुचिका गर्ग कमरे में नहीं मिलीं। उन्होंने उनके दराज से त्वचा संबंधी सैंपल दवा बरामद की । इसके अलावा निजी दवा कंपनियों की ओर से उपहार में दिए जाने वाले पेन स्टैंड और पेपर वेट सहित कई वस्तुएं भी बरामद की।
निरीक्षण के दौरान प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. सतिंदर वशिष्ठ भी उपस्थित नहीं थीं। डॉ. सविता यादव ने कहा कि डॉ. रुचिका की पहले भी कई शिकायतें मिली हैं। इसके कारण दोनों चिकित्सकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया।
ओपीडी के बाद इमरजेंसी में रोगियों को देखें विशेषज्ञ
डॉ. सविता यादव ने रेफर किए जाने वाले मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने ओपीडी बंद होने के बाद विशेषज्ञ चिकित्सकों को इमरजेंसी में आकर रोगियों को चिकित्सकीय परामर्श देने के निर्देश दिए। उनके परामर्श के बिना इमरजेंसी से रोगी को दिल्ली के लिए रेफर नहीं किया जाएगा। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जयंत आहूजा को इसे सुनिश्चित कराने के आदेश दिए।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने एनएचएम के तहत अल्ट्रासाउंड जांच करने वाले चिकित्सक नियुक्त करने के आदेश दिए। इस मौके पर डॉ. जयंत आहूजा ने उन्हें बताया कि ओपीडी परिसर और आपातकालीन विभाग में एसी लगाए जाने की तैयारी की जा रही है। प्रस्ताव बनाकर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। जिसके बाद कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
सरकार लिंगानुपात को लेकर गंभीर
उप स्वास्थ्य निदेशक ने कहा कि सरकार लिंगानुपात को लेकर बहुत ही गंभीर है। अप्रैल का लिंगानुपात 907 रहा है। इसे बेहतर बनाने के निर्देश दिए हैं। पीएनडीटी के नोडल अधिकारी के अलावा अन्य चिकित्सक भी इसकी छापेमारी करेंगे और अवैध रूप से चल रहे अल्ट्रसाउंड चालकों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। बीके अस्पताल को एनक्यूएस (राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक) और मुस्कान के रिसर्टिफिकेशन के भी निर्देश दिए। मार्च में रिसर्टिफिकेशन के लिए आवेदन करना था, लेकिन बीके अस्पताल के चिकित्सा अधिकारियों की ओर से नहीं किया गया।