फरीदाबाद। सेक्टर-37 में हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) पर बने अवैध पेट्रोल पंप के खिलाफ कार्रवाई न होने से नाराज हरित प्राधिकरण (ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने नगर निगम आयुक्त अनीता यादव को कड़ी फटकार लगाई। ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में प्रदेश के मुख्य सचिव को लिखा है कि वे देखें कि नगर निगम जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय का कोई जिम्मेदार व योग्य अधिकारी संचालन करे, जो लोगों की समस्याओं का त्वरित निदान कर सके। प्राधिकरण ने हरित पट्टी पर चल रहे पेट्रोल पंप मामले में मुख्य सचिव को कार्रवाई कर दो सप्ताह में ट्रिब्यूल को रिपोर्ट देने के आदेश दिए हैं।
हरित प्राधिकरण ने पिछले साल 13 दिसंबर को सेक्टर-37 पुलिस थाने के पीछे हरित पट्टी पर अवैध रूप से बने एक पेट्रोल पंप के खिलाफ नगर निगम को कार्रवाई के आदेश दिए थे। लगातार आदेशों के बावजूद निगम ने पंप के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। इस पर प्राधिकरण ने नगर निगम आयुक्त को व्यक्तिगत रूप से प्राधिकरण के समक्ष पेश होने के आदेश दिए थे।
शुक्रवार को निगमायुक्त अनीता यादव प्राधिकरण के समक्ष पेश हुईं। उन्होंने बताया कि जिस जमीन पर पेट्रोल पंप बना हुआ है, वह हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की है। इस पर प्राधिकरण ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि निगमायुक्त के जवाब से लगता है कि वे पेट्रोल पंप के खिलाफ कार्रवाई करने की इच्छुक ही नहीं हैं। प्राधिकरण ने निगमायुक्त से पूछा कि वह निगम के एक जिम्मेदार पद पर बैठी हैं। ऐसे में उन्होंने संबंधित एजेंसी के साथ तालमेल कर कार्रवाई करवाने का प्रयास क्यों नहीं किया। निगमायुक्त प्राधिकरण को यह भी नहीं बता पाई कि जब जमीन हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण की है तो निगम इतने दिन तक प्राधिकरण के आदेशों की अवहेलना क्यों करता रहा।
प्राधिकरण के चेयरमैन न्यायमूर्ति आदर्श कुमार गोयल, सदस्य न्यायमूर्ति के. रामाकृष्ण व विशेषज्ञ सदस्य डा. नगीन नंदा की तीन सदस्य पीठ ने प्राधिकरण के समक्ष आए कुछ अन्य मामलों का हवाला देते हुए कहा कि निगम सीवर जाम जैसे मामलों में अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं कर पा रहा है। उसमें भी प्राधिकरण को हस्तक्षेप करना पड़ा। उन मामलों का हवाला देते हुए प्राधिकरण ने कहा कि ऐसे में उनके पास विकल्प है कि ऐसे गैर जिम्मेदाराना निगमायुक्त के खिलाफ कार्रवाई करें या फिर मुख्य सचिव इस मामले को गंभीरता से देखें और निर्णय लें कि नगर निगम जैसे महत्वपूर्ण कार्यालय में कोई जिम्मेदार व योग्य अधिकारी लगाया जाए। प्राधिकरण ने हरित पट्टी पर अवैध रूप से चल रहे पेट्रोल पंप के मामले में भी मुख्य सचिव को आदेश दिए हैं कि उसके खिलाफ कार्रवाई कर दो सप्ताह में ट्रिब्यूल को रिपोर्ट दें।