पर्यावरण मानकों की उड़ाई जा रही धज्जियां, निगम ने 9 तदूर वालों के चालान काटे
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। शहर में ग्रैप की पाबंदियां लागू हो गई हैं लेकिन फिर भी पर्यावरण मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शुक्रवार को फरीदाबाद का वायु गुणवत्ता सूचकांक 244 दर्ज किया गया है। इसके अलावा सेक्टर-11 का वायु गुणवत्ता सूचकांक 382 अंक के साथ रेड जोन में पहुंच गया है। वहीं, नगर निगम की ओर से प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए शुक्रवार को जिले के तीनों जोन में नौ तंदूर के चालान किए गए। हालांकि, निगम की ओर से कूड़ा जलाने की घटनाओं, सड़कों के किनारे पड़ी निर्माण सामग्री, टूटी सड़कें, निर्माणाधीन भवनों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। जिससे शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ता जा रहा है।
शहर में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रण करने के लिए नगर निगम की ओर से पिछले तीन दिनों में 18 चालान किए गए हैं। जिनमें 17 तंदूर और एक कूडे का चालान शामिल है। नगर निगम की टीम प्रदूषण को रोकने के लिए सिर्फ तंदूर पर ही कार्रवाई कर रही है लेकिन शहर में अन्य कारणों से फैल रहे प्रदूषण पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। जिसमें कूड़ा जलाने की घटनाओं, सड़कों के किनारे पड़ी निर्माण सामग्री, टूटी सड़कें, निर्माणाधीन इमारतें शामिल हैं। टूटी सड़कों पर उड़ रही धूल मिट्टी, कई स्थानों पर कूड़ा जलना और निर्माण सामग्री सड़क पर खुले में हवा के साथ जहर घोल रही है। जिस कारण शहर में प्रदूषण की मात्रा लगातार बढ़ती जा रही है। शुक्रवार को शहर में वायु प्रदूषण के गुणवत्ता सूचकांक 244 अंक के साथ ऑरेंज जोन में पहुंच गया है। वहीं, सेक्टर-11 केंद्र का वायु गुणवत्ता सूचकांक खराब श्रेणी में पहुंच गया है। जिसे 382 अंक के साथ रेज जोन में दर्ज किया गया है। नगर निगम की ओर से शुक्रवार को तीन जोन के नौ तंदूरों का चालान किया गया है।
एक ओर जहां पराली के धुएं के कण शहर की आबोहवा में जहर घोल रहे हैं। वहीं, बड़ी संख्या में लोग पर्यावरण मानकों का जमकर उल्लंघन करने में लगे हैं। दूसरी ओर, शहर की टूटी सड़कों से उड़ती मिट्टी और धूल भी हवा में जहर घोल रही है। एनआईटी-2 में टूटी सड़क पर वाहनों के आने-जाने से धूल और मिट्टी का गुबार यहां के निवासियों को ही नहीं वाहन चालकों के फेफड़े खराब कर रहा है।
तीन टीमें शहर में कर रही कार्रवाई
जिले में तीन टीमें नियमों की पालना कराने में लगी हैं। टीमें पहले से ही कूड़ा जलाने, निर्माण सामग्री सड़क पर रखने और अन्य नियमों की पालना न करने पर कार्रवाई करती आ रही हैं। अब ग्रैप लागू होने के बाद से टीमों ने अधिक चौकन्नी होकर कार्रवाई शुरू कर दी है। नियमों को तोड़ने पर विभाग की ओर से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- संदीप सिंह, कार्यकारी अभियंता हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड