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Faridabad News: अतिक्रमण का शिकार सराय मार्केट, शाम को पैदल निकलना मुश्किल

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संवाद न्यूज एजेंसी
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फरीदाबाद। शहर की पुरानी मार्केट में शुमार सराय ख्वाजा की मार्केट में अतिक्रमण के चलते अक्सर लोगों को जाम झेलना पड़ता है। दुकानदारों ने यहां भी दुकान के बाहर सामान रखा हुआ है, जिसके चलते रोड और ज्यादा संकरा हो जाता है। किसी समय में लोग सराय मार्केट में खरीदारी करना पसंद करते थे और शहर के अलग-2 क्षेत्रों से लोग यहां आते थे। उस समय इतने वाहन या संसाधन नहीं थे। इसलिए मार्केट में खरीदारी करना सुलभ एवं सरल था। सराय मार्केट में शादी-ब्याह के लिए साड़ियां, लहंगा एवं ज्वेलरी की बड़ी-2 दुकानें हैं। ग्रामीण क्षेत्र के लोग यहां पर खरीदारी करने आते थे। इसके अलावा गाय-भैंस के लिए गुड़, खल, चोकर सहित घरेलू सामान की खरीदारी भी यहां से की जाती थी। लेकिन बदलते परिवेश में हालात बदलते गए और मार्केट संकरी होती चली गई। अब आने-जाने वाले लोगों को सराय की तंग गलियां परेशान करने लगी हैं।

मार्केट के बीच में खुला है सरकारी स्कूल

मार्केट के बीच में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल है, जिसमें कम से कम 6 हजार बच्चे पढ़ते हैं। छुट्टी के समय बच्चे जब स्कूल से निकलते हैं, तो मार्केट में जाम की स्थिति बन जाती है। इसके अतिरिक्त शाम के समय भी मार्केट में भारी जाम देखने को मिलता है। सेक्टर-37, अशोका एंक्लेव सहित आसपास के पॉश इलाकों से लोग इस मार्केट में खरीदारी करने आते हैं। सेक्टरों के बाजार की बजाय यहां की मार्केट सस्ती पड़ती है, इसलिए लोग यहां पर खरीदारी के लिए आना पसंद करते हैं।
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सराय मार्केट शहर की पुरानी मार्केटों में शुमार है। अतिक्रमण के लिहाज से आने वाले ग्राहकों को परेशानी जरूर होती है, लेकिन सामान और खरीदारी के लिहाज से मार्केट बेहतर है। - अंकित गोयल, दुकानदार
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शाम के समय मार्केट में भारी जाम लग जाता है। प्रशासन को कुछ व्यवस्था करनी चाहिए और दुकानदारों को भी इसमें सहयोग करना चाहिए। कई बार लोग उल्टा-सीधा गाड़ी खड़ी कर देते हैं, जिससे पूरी मार्केट में जाम लग जाता है। - सोनू गोयल, स्थानीय निवासी
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