इस समारोह में 26 अभिभावक व बच्चों शामिल हुए। समारोह में हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय मार्गदर्शक, सद्गुरु डॉ. चारुदत्त पिंगले जी ने उपस्थित अभिभावक और बालकों का ऑनलाइन माध्यम से मार्गदर्शन किया और उन्होंने बताया कि आज के काल में तनाव मुक्त जीवन जीने के लिए साधना की आवश्यकता है, यदि अभिभावक साधना करेंगे तो बच्चे भी उनका अनुसरण करके साधनारत रहेंगे।
सनातन संस्था के कार्य के विषय में और आज के काल में 'बाल संस्कार वर्ग' का क्या महत्व है, इस विषय में सनातन संस्था की ओर से सरोज गुप्ता ने जानकारी दी। बालकों को संस्कारवान बनाने में अभिभावकों की भूमिका कैसी होनी चाहिए, इसके बारे में सनातन संस्था की तृप्ति जोशी ने बताया। मंदिर के ट्रस्टी श्याम सुंदर बागला इस समारोह में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की सफलता के लिए उन्होंने पूरा समर्थन दिया और आगे भी इस प्रकार के कार्यक्रम मंदिर में सहयोग देने की इच्छा जाहिर की।