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पुलिस की निगरानी में बीके अस्पताल में सचिन भर्ती

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ईनामी बदमाश सचिन खेड़ी पुलिस हिरासत में । - फोटो : Faridabad
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फरीदाबाद। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता विकास चौधरी हत्याकांड में शामिल कौशल गैंग का गुर्गा सचिन खेड़ी फरीदाबाद पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। विकास की हत्या से पहले मारपीट व हत्या के प्रयास के कई मामलों में फरीदाबाद पुलिस को इसकी तलाश थी। पुलिस ने इसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी रखा था। सोमवार रात फरीदाबाद और पलवल पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के दौरान पैर में गोली लगने से घायल सचिन खेड़ी को उपचार के लिए बीके सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है।
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सचिन के खिलाफ फरीदाबाद व पलवल में हत्या, जानलेवा हमला, मारपीट, लूट, फायरिंग, धमकी देने के आठ से अधिक मामले दर्ज हैं। साल 2016 में क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 पुलिस ने इसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद जमानत पर बाहर आकर सचिन भगौड़ा हो गया। फरीदाबाद पुलिस ने इस पर 25 हजार का इनाम घोषित कर दिया।
सचिन ने 27 नवंबर 2017 को पलवल में वकील ओमप्रकाश की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। सचिन को गांव खेड़ी निवासी टेकचंद का दायां हाथ माना जाता है। टेकचंद भी इस समय जेल में बंद है। पुलिस के अनुसार, टेकचंद जेल में रहकर सचिन के माध्यम से अपना गैंग चलाता था। टेकचंद जेल में रहकर दूसरे गैंगस्टरों के संपर्क में आया और सचिन के माध्यम से उनके भी काम करवाने लगा। इसी दौरान सचिन कौशल के संपर्क में आया और उसके लिए काम करने लगा।
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रंगदारी के लिए कौशल को सचिन ने ही उपलब्ध करवाए थे नंबर
फरीदाबाद में बड़े कारोबारियों से रंगदारी मांगने के लिए संदीप खेड़ी ने ही कौशल को उनके नंबर उपलब्ध करवाए थे। उस सूची में सबसे ऊपर विकास चौधरी का नाम था। कौशल ने विकास से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी, मगर विकास ने पैसे देने से मना कर दिया था। साथ ही उनके बीच गाली गलौच भी हुई थी। इसके अलावा फरीदाबाद व पलवल के जितने भी कारोबारियों को कौशल ने फोन कर रंगदारी मांगी थी। उन सभी के नंबर संदीप ने ही दिए थे। पुलिस के अनुसार, कौशल को फरीदाबाद से एक कारोबारी ने रंगदारी के 35 लाख रुपये भिजवाए भी थे।
सचिन ने तैयार की विकास चौधरी हत्याकांड की रूपरेखा
रंगदारी देने से मना करने पर दुबई में बैठे कौशल ने विकास चौधरी की हत्या का फरमान सुना दिया था। इसकी जिम्मेदारी सचिन को दी गई। हालांकि, जेल में बंद कौशल के सबसे खास गुर्गे अमित डागर ने विकास की हत्या करवाने से मना किया था।
इस पर कौशल ने विकास की हत्या की बजाए उसके आसपास गोली चलाकर डराने के लिए कहा था मगर सचिन नहीं माना। सचिन का कहना था कि विकास पर गोली चलाकर उसे छोड़ दिया तो वह उन्हें नहीं छोड़ेगा। इसके बाद उसने विकास चौधरी हत्याकांड की पूरी रूपरेखा तैयार की। हत्याकांड में अपने ही गुर्गों को शामिल किया। हत्याकांड में सचिन के अलावा कौशल का एक और खास गुर्गा विकास माले भी शामिल था।
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