फरीदाबाद। बिजली निगम उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम की बैठक सेक्टर-23 बिजली निगम कार्यालय में संपन्न हुई। इसमें 25 मामलों पर सुनवाई की गई। इसमें से 11 शिकायतों को मौके पर ही सुलझा दिया गया। इसी दौरान 14 शिकायतों को अगले माह की सुनवाई के लिए लंबित रखा गया है।
लंबित मामलों में एक शिकायत ग्रेटर फरीदाबाद स्थित पीयूष हाइट्स सोसाइटी का था। सोसायटी वासियों ने उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम के चेयरमैन संजीव चौपड़ा को बताया कि आरडब्ल्यूए बिजली की तय दर से अधिक वसूल अधिक बिल वसूल रही है। आरडब्ल्यूए पदाधिकारी इस बारे में कोई सुनवाई भी नहीं कर रहे। चेयरमैन संजीव चोपड़ा ने शिकायतकर्ता को आश्वासन दिया कि जांच के बाद आरडब्ल्यूए पर कार्रवाई की जाएगी।
बिजली निगम की बैठक में सबसे अधिक शिकायतें गलत और देरी से बिल भेजने की आईं। पाली, मथुरा रोड, सेक्टर-19 और बदरौला सबडिवीजन से आए उपभोक्ताओं ने फोरम के चेयरमैन संजीव चोपड़ा को बताया कि अधिकारी समय पर बिल नहीं देते। अंतिम दिन बिल दिया जाता है अगर समय पर नहीं भरा तो जुर्माना अलग से भरना पड़ता है। उन्हें चार माह पहले गलत बिल भेजा गया। बिल ठीक करवाने के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं, अधिकारी उन्हें आश्वासन देकर दफ्तर से लौटा देते है।
उपभोक्ताओं की शिकायतों को गंभीरता से नहीं लेने पर चेयरमैन ने संबंधित एसडीओ को जमकर फटकार लगाई। उन्हें सभी समस्याओं का जल्द समाधान का आदेश दिया। इसी तरह गलत बिल पर एसडीओ सुरेंद्र मेहरा, विकास मलिक को चेतावनी दी कि अधिकारी अपनी कार्यशैली में सुधार कर लें। लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर फोरम की सदस्य मनोज यादव सहित अनेक उपभोक्ता मौजूद रहे।